दिल्ली में डेंगू के बढ़ते मामलों पर केंद्र सरकार की सक्रियता
दिल्ली में डेंगू की स्थिति पर उच्च स्तरीय समीक्षा
दिल्ली में डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए, केंद्र सरकार ने अपनी सतर्कता को बढ़ा दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने राजधानी में डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण के लिए एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, नगर निकायों के प्रतिनिधि और अन्य संबंधित एजेंसियों के सदस्य शामिल हुए।
बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि राजधानी में मच्छर जनित बीमारियों, विशेषकर डेंगू के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोका जा सके। अधिकारियों ने मौजूदा स्थिति, अस्पतालों में बेड की उपलब्धता, दवाओं की आपूर्ति और फॉगिंग अभियानों की प्रगति पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
सूत्रों के अनुसार, जेपी नड्डा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डेंगू नियंत्रण के लिए जमीनी स्तर पर निगरानी को और मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष टीमों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि बरसात के मौसम के बाद डेंगू के मामलों में वृद्धि की संभावना रहती है, इसलिए समय पर रोकथाम के उपायों को और प्रभावी बनाना आवश्यक है। दिल्ली नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग को संयुक्त रूप से अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और संदिग्ध मरीजों की त्वरित जांच और इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही, जागरूकता अभियान को भी तेज करने पर जोर दिया गया है ताकि लोग अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें।
बैठक में फॉगिंग, एंटी-लार्वा स्प्रे और सफाई अभियानों की नियमित मॉनिटरिंग पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी के लिए तैनात किया गया है।
जेपी नड्डा ने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर ढिलाई गंभीर परिणाम दे सकती है। उन्होंने सभी एजेंसियों को मिलकर काम करने और समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
फिलहाल, दिल्ली में डेंगू की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में है।
