दिल्ली में एयरफोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बंद, वायुसेना प्रमुख के विदाई कार्यक्रम पर असर
एयरफोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का बंद होना
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री आवास के निकट स्थित एयरफोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। यह परिसर, जो लोक कल्याण मार्ग पर स्थित है, गोल्फ कोर्स, स्विमिंग पूल और रेस्तरां जैसी सुविधाएं प्रदान करता है। 28 अक्टूबर से सदस्यों के लिए इसे बंद करने का निर्णय लिया गया है, जिसके कारण भारतीय वायुसेना के निवर्तमान प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के सम्मान में आयोजित विदाई गोल्फ कार्यक्रम को भी रद्द कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने मंगलवार को कई सदस्यों को इस संबंध में सूचना भेजी थी। इसके बाद बुधवार सुबह से सदस्यों का प्रवेश रोक दिया गया।
यह स्थिति उस समय उत्पन्न हुई है जब केंद्र सरकार भारतीय वायुसेना को आवंटित भूमि को वापस अपने नियंत्रण में लेने की प्रक्रिया में है, जिस पर यह खेल परिसर स्थित है। यह परिसर रेस कोर्स एयरफोर्स स्टेशन के भीतर है और प्रधानमंत्री आवास से निकटता में है। यहां सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारी नियमित रूप से आते रहे हैं, इसलिए इसके अचानक बंद होने से सदस्यों में हलचल मच गई है। हालांकि, परिसर को फिर से कब खोला जाएगा, इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।
परिसर के बंद होने की सूचना
28 अक्टूबर से अगले आदेश तक बंद रहेगा परिसर
सदस्यों को मंगलवार को भेजे गए संदेश में बताया गया था कि परिसर 28 अक्टूबर को सुबह पांच बजे से अगले आदेश तक बंद रहेगा। संदेश में लिखा था, “आपको दिन की शुभकामनाएं! परिसर 28 अक्टूबर को सुबह 5 बजे से अगले आदेश तक बंद रहेगा।” इसके बाद बुधवार को सदस्यों के लिए प्रवेश बंद कर दिया गया। इस मामले में भारतीय वायुसेना के प्रवक्ता से तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का विदाई कार्यक्रम
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। वायुसेना प्रमुख के विदाई समारोह के लिए आयोजित होने वाला गोल्फ कार्यक्रम परंपरागत रूप से एक विशेष आयोजन होता है। वायुसेना के एक पूर्व प्रमुख के अनुसार, निवर्तमान प्रमुख के सम्मान में आमतौर पर ‘गोल्फिंग-आउट’ कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। लेकिन इस बार खेल परिसर के बंद होने के कारण यह कार्यक्रम रद्द करना पड़ा है, जिससे विदाई समारोह की तैयारियों पर भी असर पड़ा है।
भूमि वापस लेने की प्रक्रिया
वायुसेना को आवंटित जमीन वापस लेने की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने हाल ही में वायुसेना को आवंटित भूमि की आवश्यकता जताई थी, जिस पर एयरफोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स संचालित हो रहा है। इसके बाद भूमि को सरकारी नियंत्रण में लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है। एक अधिकारी ने बताया कि यह सरकारी भूमि थी, इसलिए इसे वापस लेने के लिए अदालत से अलग आदेश की आवश्यकता नहीं थी। सरकार ने गोल्फ कोर्स का नियंत्रण आधिकारिक तौर पर अपने हाथ में ले लिया है।
सरकारी संपत्तियों का नियंत्रण
यह घटनाक्रम केंद्र सरकार द्वारा राजधानी में महत्वपूर्ण सरकारी संपत्तियों को वापस लेने की व्यापक कार्रवाई के संदर्भ में देखा जा रहा है। हाल के महीनों में, सरकार ने कई प्रमुख परिसरों को अपने नियंत्रण में लेने के लिए कदम उठाए हैं, जिनमें दिल्ली जिमखाना क्लब और जयपुर पोलो ग्राउंड जैसी संपत्तियां शामिल हैं। सरकार का रुख है कि सार्वजनिक भूमि का उपयोग आवश्यक सरकारी और रणनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जाना चाहिए।
दिल्ली जिमखाना क्लब का मामला
इससे पहले, 22 मई को केंद्र सरकार ने दिल्ली जिमखाना क्लब को परिसर खाली करने का नोटिस जारी किया था। सरकार ने मूल पट्टा समझौते में शामिल सार्वजनिक उद्देश्य संबंधी प्रावधान का हवाला देते हुए यह कदम उठाया था। उस समय केंद्र ने कहा था कि भूमि की आवश्यकता रक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए है।
जयपुर पोलो ग्राउंड पर केंद्र का कब्जा
दिल्ली जिमखाना क्लब के मामले के बाद, केंद्र सरकार ने जयपुर पोलो ग्राउंड का नियंत्रण भी अपने हाथ में ले लिया था। यह कार्रवाई उस समय हुई, जब दिल्ली की एक अदालत ने बेदखली की कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इसके बाद केंद्र ने भूमि का कब्जा अपने नियंत्रण में ले लिया।
निष्कर्ष
एयरफोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का बंद होना भी इसी व्यापक परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास के निकट स्थित इस परिसर में गोल्फ कोर्स, स्विमिंग पूल और रेस्तरां जैसी सुविधाएं हैं, जो इसे वायुसेना के सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों के लिए एक प्रमुख स्थान बनाती हैं। फिलहाल, परिसर अगले आदेश तक बंद रहेगा और इसे फिर से खोलने की तारीख के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। वहीं, 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त होने जा रहे एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के विदाई गोल्फ कार्यक्रम का रद्द होना इस घटनाक्रम का तत्काल प्रभाव माना जा रहा है।
