दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा पर चिंता: सरकार ने शुरू की जांच
दिल्ली में एक वायरल वीडियो ने इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न की हैं। इस वीडियो में दावा किया गया है कि ई-रिक्शा को एक चीनी ऐप के माध्यम से दूर से नियंत्रित किया जा रहा है। परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने इस मामले की जांच की पुष्टि की है और कहा है कि पुलिस इस अवैध गतिविधि के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। इसके साथ ही, दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए नई नीति की घोषणा की है, जिसमें स्क्रैपिंग प्रोत्साहन और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की योजना शामिल है।
| Jul 3, 2026, 10:11 IST
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से बढ़ी चिंताएं
दिल्ली के परिवहन क्षेत्र में एक वायरल वीडियो ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न कर दी हैं। इस वीडियो में यह दावा किया गया है कि ई-रिक्शा को एक चीनी मोबाइल ऐप के माध्यम से दूर से नियंत्रित किया जा रहा है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, दिल्ली सरकार ने तुरंत कार्रवाई की है। परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार इस मामले की गहन जांच कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस इस डिजिटल हस्तक्षेप के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठा सकती है, क्योंकि किसी भी वाहन को इस तरह से नियंत्रित करना पूरी तरह से अवैध है।
वीडियो के प्रभाव और जांच की प्रक्रिया
सोशल मीडिया पर फैल रहे इन वीडियो ने इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा और डिजिटल तकनीक के संभावित दुरुपयोग पर सवाल उठाए हैं। सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार इस वीडियो के बारे में अवगत है और आरोपों की जांच कर रही है। उन्होंने कहा, "हमें इस मामले की जानकारी है और सरकार इसकी जांच कर रही है। मुझे विश्वास है कि पुलिस भी इस पर कार्रवाई करेगी, क्योंकि ऐसा करना अवैध है।" उनके बयान ऐसे समय में आए हैं जब यह चर्चा हो रही है कि क्या बाहरी ऐप इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन में हस्तक्षेप कर सकते हैं और क्या अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है।
दिल्ली EV नीति 2026 का उद्देश्य
दिल्ली EV पॉलिसी 2026 का मकसद इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ़्तार बढ़ाना है
पंकज सिंह ने हाल ही में घोषित दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026 के उद्देश्यों पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि सरकार वित्तीय प्रोत्साहन और बेहतर बुनियादी ढांचे के माध्यम से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में बड़े बदलाव को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। सिंह के अनुसार, इलेक्ट्रिक कारें धीरे-धीरे सस्ती हो रही हैं और बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा से कीमतें और कम होने की संभावना है।
स्क्रैपिंग प्रोत्साहन और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर
1 लाख रुपये तक का स्क्रैपिंग प्रोत्साहन
दिल्ली EV नीति के तहत, योग्य खरीदार 1 लाख रुपये तक का स्क्रैपिंग प्रोत्साहन प्राप्त कर सकते हैं, यदि वे अपने पुराने वाहन को स्क्रैप करने के छह महीने के भीतर नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदते हैं। यह प्रोत्साहन 'सर्टिफिकेट ऑफ़ डिपॉज़िट' (CoD) से जुड़ा है, जो किसी अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र पर पुराने वाहन को स्क्रैप करने के बाद जारी किया जाता है।
दिल्ली में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
सिंह ने आश्वासन दिया कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर कोई बाधा नहीं बनेगा। उन्होंने कहा कि सरकार अगले चार वर्षों में दिल्ली में लगभग 32,000 चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने की योजना बना रही है।
रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फ़ीस में छूट
रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फ़ीस में छूट
दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक राहत की घोषणा की है। नई नीति के अनुसार, दिल्ली में रजिस्टर होने वाली 30 लाख रुपये तक की एक्स-शोरूम कीमत वाली सभी इलेक्ट्रिक कारों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फ़ीस से पूरी छूट मिलेगी। यह कदम इलेक्ट्रिक वाहनों को अधिक सुलभ बनाने के साथ-साथ प्रदूषण को कम करने में मदद करेगा।
