दिल्ली में आगजनी की घटना: केजरीवाल ने शोक संतप्त परिवार से की मुलाकात
दिल्ली में आगजनी की त्रासदी
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 18 मार्च को पालम में आगजनी की घटना में अपने नौ सदस्यों को खोने वाले परिवार से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद, केजरीवाल ने पत्रकारों से कहा कि जब फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, तो उनकी सीढ़ियां काम नहीं कर रही थीं। यदि फायर ब्रिगेड ने समय पर कार्रवाई की होती, तो कई जानें बचाई जा सकती थीं।
भाजपा पर आरोप
केजरीवाल ने आगे कहा कि वह शोक संतप्त परिवार से मिलने आए थे, लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने गुंडागर्दी की। उन्होंने कहा कि एक परिवार ने अपने नौ सदस्यों को खो दिया है, और इसके बजाय सहानुभूति जताने के बजाय, भाजपा ने गुंडागर्दी शुरू कर दी है। यह देखकर उन्हें बहुत दुख हुआ कि भाजपा लोगों को शोक संतप्त परिवार से मिलने नहीं दे रही है और उन्हें धमकियां दी जा रही हैं।
शोकाकुल पिता का दर्द
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम में आग लगने के एक दिन बाद, राजेंद्र कश्यप, जो इस त्रासदी में अपने परिवार के नौ सदस्यों को खो चुके हैं, अपने जले हुए घर में लौटे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही ने उनसे सब कुछ छीन लिया। वह पुलिस और फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
घर से बाहर निकलते ही वह गहरे दुख में डूब गए और फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था की विफलता है। यदि समय पर कार्रवाई की गई होती, तो उनका परिवार आज जीवित होता।
यह घटना एक चार मंजिला इमारत में हुई, जहां परिवार ऊपरी मंजिलों पर रहता था और नीचे कपड़े और सौंदर्य प्रसाधन का व्यवसाय चलता था। बुधवार तड़के लगभग 6:15 बजे आग लगने से 70 वर्षीय महिला और तीन छोटी बच्चियों सहित नौ लोगों की जान चली गई। भागने की कोशिश में तीन अन्य लोग भी घायल हुए। चश्मदीदों ने पहले बचाव कार्यों में देरी का आरोप लगाया और कहा कि घटनास्थल पर तैनात पहली हाइड्रोलिक क्रेन खराब हो गई थी।
