दिल्ली में आग की घटनाओं से बढ़ी चिंता, 21 लोगों की मौत
दिल्ली के मालवीय नगर में भीषण आग
दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित 'फ्लोरिश स्टे' बेड एंड ब्रेकफास्ट होटल में बुधवार को लगी भीषण आग ने राजधानी को हिलाकर रख दिया। इस दुखद घटना में विदेशी नागरिकों सहित 21 लोगों की जान चली गई, जबकि 25 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह हादसा एक बार फिर दिल्ली में अग्नि सुरक्षा के मानकों और नियमों के पालन पर सवाल उठाता है। हाल ही में विवेक विहार और पालम में भी आग लगने की घटनाएं हुई थीं, जिनमें क्रमशः 9-9 लोगों की जान गई थी। दिल्ली सरकार और अग्निशमन सेवा के आंकड़े बताते हैं कि राजधानी में आग की घटनाएं अब एक गंभीर संकट बन चुकी हैं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले छह वर्षों में आग से संबंधित घटनाओं में 543 लोगों की जान गई है।
आग से होने वाली मौतों का आंकड़ा
दिल्ली सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 2019 से मार्च 2026 के बीच आग से संबंधित घटनाओं में कुल 543 लोगों की मौत हुई है। 2026 के पहले छह महीनों में ही आग की घटनाओं में 65 मौतें दर्ज की गई हैं। पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली अग्निशमन सेवा को प्राप्त सूचनाओं की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
डीएफएस के आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 में आग की घटनाओं में 84 लोगों, 2024-25 में 90 लोगों और 2023-24 में 77 लोगों की जान गई। 2020-21 में 41 और 2021-22 में 55 मौतें हुई थीं। हालांकि, 2022-23 में यह संख्या बढ़कर 95 हो गई थी।
आग से होने वाली मौतों की सबसे अधिक संख्या 2019-20 में दर्ज की गई थी, जब अनाज मंडी अग्निकांड में 44 लोगों की जान गई थी। यह 1997 के उपहार सिनेमा अग्निकांड के बाद दिल्ली की सबसे भीषण आग की घटनाओं में से एक थी।
आग से संबंधित घटनाओं की बढ़ती संख्या
आंकड़ों के अनुसार, 2019 से 2025 के बीच आग से संबंधित घटनाओं में कुल 4,403 लोग घायल हुए। यह भी स्पष्ट है कि आग से जुड़ी आपात स्थितियों के संबंध में दिल्ली अग्निशमन सेवा को प्राप्त सूचनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। 2019-20 में यह संख्या 17,231 थी, जो पिछले वित्त वर्ष में बढ़कर 20,379 हो गई।
आग से हुई मौतों का सिलसिला
दिल्ली सरकार के हालिया आंकड़ों के अनुसार, 2019 से मार्च 2026 तक आग से संबंधित दुर्घटनाओं में कुल 543 लोगों की मौत हो चुकी है। चिंता की बात यह है कि 2026 के शुरुआती छह महीनों में ही आग के कारण 65 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
पिछले कुछ वर्षों में आग से हुई मौतों का सिलसिला इस प्रकार रहा है:
2025-26: 84 मौतें
2024-25: 90 मौतें
2023-24: 77 मौतें
2022-23: 95 मौतें
2021-22: 55 मौतें
2020-21: 41 मौतें
आग से होने वाली मौतों की सबसे डरावनी संख्या 2019-20 में दर्ज की गई थी, जब अनाज मंडी अग्निकांड हुआ था। उस हादसे में 44 लोगों की मौत हुई थी। यह 1997 के उपहार सिनेमा कांड (59 मौतें) के बाद दिल्ली की सबसे भीषण त्रासदियों में से एक थी।
