दिल्ली में अनधिकृत निर्माण के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई
दिल्ली में ध्वस्तीकरण और सीलिंग अभियान
दिल्ली में अवैध निर्माण और व्यावसायिक दुरुपयोग के खिलाफ प्रशासन ने एक व्यापक अभियान शुरू किया है। एक जून से, सभी नगर निगम क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ और सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। अब तक 82 संपत्तियों को ध्वस्त किया गया है, जबकि 43 अन्य संपत्तियों को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। यह कठोर कदम हौज खास के पास एक होटल में लगी भीषण आग के बाद उठाया गया, जिसमें विदेशी नागरिकों सहित 21 लोगों की जान चली गई। इस घटना ने दिल्ली प्रशासन को जागरूक किया है।
प्रशासन के निर्देश और कार्रवाई
दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर यह सीलिंग और ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जा रहा है। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने बताया कि दक्षिण जोन में 12, सिविल लाइंस जोन में 7 और नरेला जोन में 8 संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसी दौरान, दक्षिण जोन में 14 संपत्तियों को सील किया गया है।
भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन
अधिकारियों के अनुसार, सैद-उल-अजैब क्षेत्र में 40 से अधिक मकानों को सील करने के लिए चिह्नित किया गया है। इसके अतिरिक्त, हौज रानी और मालवीय नगर में 'बेड-एंड-ब्रेकफास्ट' योजना वाले कम से कम 12 होटलों को भी चिह्नित किया गया है। दक्षिण दिल्ली के सैद-उल-अजैब, हौज खास गांव और आसपास के क्षेत्रों में कई रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी जांच के दायरे में हैं।
होटल में आग की घटना
बुधवार को दक्षिण दिल्ली के हौजरानी इलाके में एक होटल में लगी भीषण आग ने राजधानी को हिला कर रख दिया। इस हादसे में 21 लोगों की झुलसकर और दम घुटने से मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि होटल में सुरक्षा मानकों और भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था। इस त्रासदी से सीख लेते हुए, दिल्ली प्रशासन अब सख्त कदम उठा रहा है।
