दिल्ली में NEET पेपर लीक पर छात्रों का प्रदर्शन, शराब की दुकानें जल्दी बंद होंगी

दिल्ली में NEET पेपर लीक के मामले में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है, जिसके चलते शराब की दुकानें वीकेंड पर रात 8 बजे बंद होंगी। इसके अलावा, दिल्ली मेट्रो के 18 स्टेशन भी बंद रहेंगे। पुलिस ने फेशियल रिकग्निशन सिस्टम के जरिए 2,500 से अधिक आपराधिक बैकग्राउंड वाले व्यक्तियों की पहचान की है। केंद्रीय कैबिनेट ने पेपर लीक रोकने के लिए एक नया बिल भी मंजूरी दी है। जानें इस मामले में और क्या हो रहा है।
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छात्रों का विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। इस स्थिति के मद्देनजर, वीकेंड पर राष्ट्रीय राजधानी में शराब की दुकानें सामान्य समय से दो घंटे पहले, यानी रात 8 बजे बंद करने का निर्णय लिया गया है।


दिल्ली मेट्रो के स्टेशन बंद

आज, 25 जुलाई को, दिल्ली मेट्रो के 18 स्टेशन बंद रहेंगे। DMRC द्वारा बंद किए गए स्टेशनों में लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, ITO, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम, झंडेवालान और नई दिल्ली शामिल हैं।


अपराधियों की पहचान

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) का उपयोग किया गया। इस प्रणाली के माध्यम से 2,500 से अधिक आपराधिक बैकग्राउंड वाले व्यक्तियों की पहचान की गई है, जो प्रदर्शन के दौरान पुलिस को निशाना बनाने के लिए भीड़ में शामिल हो रहे थे।


20 जुलाई की हिंसा के बाद सुरक्षा उपाय

20 जुलाई को हुई हिंसा के बाद, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर FRS सिस्टम स्थापित किया। पिछले तीन दिनों में 2,500 से अधिक उपद्रवियों की पहचान की गई है, और अब तक 15 FIR दर्ज की गई हैं। यह निगरानी प्रणाली आम प्रदर्शनकारियों के लिए नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य वॉन्टेड अपराधियों और भगोड़ों की पहचान करना है।


पेपर लीक रोकने के लिए नया बिल

केंद्रीय कैबिनेट ने पेपर लीक के मामलों में सख्त सजा सुनिश्चित करने के लिए एक ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दी है। यह बिल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद पारित किया गया और इसे अगले हफ्ते संसद में पेश किया जाएगा। इसमें संगठित पेपर लीक के मामलों में 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।