दिल्ली में CJP का विरोध प्रदर्शन: हिंसा के बाद फिर से शुरू हुआ आंदोलन
CJP का जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन
सोमवार को 'चलो संसद' मार्च के दौरान हुई हिंसा और पुलिस के साथ संघर्ष के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मंगलवार (21 जुलाई) को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपना विरोध प्रदर्शन फिर से आरंभ किया है। प्रदर्शनकारियों के जुटने पर पुलिस ने उन्हें वापस लौटने से नहीं रोका और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो लोग कानून-व्यवस्था में बाधा डालेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
CJP का आंदोलन और उसके कारण
CJP, परीक्षा प्रणाली में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के खिलाफ एक सक्रिय आंदोलन है। इसकी शुरुआत भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की उस टिप्पणी से हुई थी जिसमें उन्होंने युवाओं को "कॉकरोच" कहा था। यह समूह 20 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहा है। एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक और वामपंथी संगठन AISA से जुड़े छात्रों की भूख हड़ताल ने इस आंदोलन को और गति दी।
दिल्ली पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था
जहां प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर अपना मंच फिर से स्थापित किया है, वहीं दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा इंतज़ाम को कड़ा कर दिया है, विशेषकर संसद की ओर जाने वाले रास्तों पर। जंतर-मंतर के आस-पास की सड़कें खुली हैं, लेकिन महत्वपूर्ण स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है क्योंकि आशंका है कि प्रदर्शनकारी संसद की ओर एक और मार्च करने का प्रयास कर सकते हैं।
विपक्षी नेताओं की संभावित उपस्थिति
कई विपक्षी नेताओं के भी विरोध स्थल पर आने की संभावना है, इसलिए अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
हिंसा के मामले में FIR दर्ज
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने सोमवार के विरोध मार्च के दौरान हुई हिंसा और वाहनों में तोड़फोड़ के मामले में कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
CJP की प्रमुख मांगें
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की और NEET UG परीक्षा में अनियमितताओं के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि नड्डा ने उन्हें आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने बताया कि सरकार ने कोई ठोस वादा नहीं किया है और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
पुलिसकर्मियों की स्थिति
CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के 100 से अधिक जवान घायल हो गए। प्रदर्शनकारी संसद की ओर 'चलो संसद' मार्च कर रहे थे, तभी उन्हें रोके जाने पर पुलिस के साथ उनकी झड़प हो गई। पुलिस के अनुसार, कई जवानों की मेडिकल रिपोर्ट से पता चला है कि कई पुलिसकर्मियों को फ्रैक्चर हुआ है।
सोशल मीडिया पर वीडियो
सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए हैं जिनमें पुलिस और CJP प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प दिखाई दे रही है। पुलिस अब इन वीडियो की सच्चाई की जांच कर रही है और संकेत दिया है कि इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
हिरासत में लिए गए लोग
पुलिस ने लगभग 70 लोगों को हिरासत में लिया है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हिरासत में लिए गए लोग छात्र नहीं हैं और उनकी व्यक्तिगत जानकारी और बैकग्राउंड की जांच की जा रही है। झड़प के दौरान 15 से 20 पुलिस गाड़ियों को नुकसान पहुंचा, जिसके बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत FIR भी दर्ज की गई है।
