दिल्ली बम विस्फोट मामले में दो आरोपियों को 15 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया
विशेष एनआईए अदालत का निर्णय
पटियाला हाउस में स्थित विशेष एनआईए अदालत ने ज़मीर अहमद अहनगर और तुफैल अहमद भट को 15 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। इन दोनों को नवंबर 2025 में दिल्ली में हुए बम विस्फोट के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
पांच दिन की हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद, उन्हें अदालत में पेश किया गया। विशेष एनआईए न्यायाधीश पीतांबर दत्त ने पूछताछ के बाद इन दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने का निर्णय लिया।
एनआईए की हिरासत की मांग
एनआईए ने इन आरोपियों की 15 दिनों की न्यायिक हिरासत की मांग की थी। 11 मार्च को, एनआईए ने अदालत को सूचित किया कि जम्मू और कश्मीर में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के समर्थन में हुए विरोध प्रदर्शनों के कारण जांच में बाधा आई है।
पिछली हिरासत की जानकारी
विशेष एनआईए अदालत ने 25 फरवरी को तुफैल अहमद भट और ज़मीर अहमद अहनगर को 10 दिनों के लिए एनआईए की हिरासत में भेजा था। इसके बाद, 6 मार्च को उनकी हिरासत को पांच दिनों के लिए बढ़ा दिया गया। एनआईए ने 9 मार्च को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष उनके रक्त के नमूने और अन्य साक्ष्य एकत्र किए।
आरोपियों का प्रोडक्शन वारंट
जम्मू और कश्मीर पुलिस ने आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर दिल्ली लाया था, और उनकी हिरासत एनआईए को सौंप दी गई। उन पर आरोप है कि वे हथियार और गोला-बारूद इकट्ठा कर रहे थे। उमर, इरफान और आदिल ने ज़मीर को एक राइफल, एक पिस्तौल और जिंदा कारतूस प्रदान किए थे। ये तीनों अंसार ग़ज़ावत उल हिंद से जुड़े हुए हैं।
अन्य गिरफ्तारियां
इससे पहले, एनआईए ने इस मामले में कई अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें डॉ. शाहीन सईद, डॉ. मुज़म्मिल शकील, अदील अहमद, जसीर बिलाल वानी, नासिर बिलाल मल्ला, यासिर अहमद डार, मुफ्ती इरफान अहमद और आमिर राशिद शामिल हैं। इन सभी से पूछताछ के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में रखा गया है। दिल्ली बम धमाके की जांच एनआईए द्वारा की जा रही है। हाल ही में, एनआईए कोर्ट ने जांच की अवधि को 45 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। 10 नवंबर, 2025 को लाल किले के पास एक कार में भीषण धमाका हुआ था। आरोप है कि उमर उस कार का चालक था जिसमें धमाका हुआ था।
