दिल्ली पुलिस ने सौरव दास और आशुतोष रांका को समन जारी किया

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं, सौरव दास और आशुतोष रांका को समन जारी किया है। उन्हें 22 अक्टूबर को पेश होने के लिए कहा गया है। यह कार्रवाई जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से संबंधित मामले की जांच के दौरान की गई है। दोनों नेताओं को हाल ही में जमानत मिली थी, और अब उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। जानें इस मामले में आगे क्या होगा और पुलिस की कार्रवाई का क्या असर पड़ेगा।
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दिल्ली पुलिस की कार्रवाई


दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं, सौरव दास और आशुतोष रांका को समन भेजा है। उन्हें 22 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराने के लिए कहा गया है। यह कार्रवाई जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से संबंधित मामले की जांच के दौरान की गई है। रिपोर्टों के अनुसार, अजिंक्य शिंदे को भी समन जारी किया गया है।


तिहाड़ जेल से रिहाई के बाद समन

बुधवार को विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अदालत ने सौरव दास और आशुतोष रांका को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानत बॉंड पर रिहा करने का आदेश दिया था। दोनों नेताओं ने अदालत में यह लिखित आश्वासन दिया था कि जब तक जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया जाता, वे वहां शांति भंग नहीं करेंगे और न ही किसी प्रदर्शन का आयोजन करेंगे।


रिहाई के अगले दिन क्राइम ब्रांच द्वारा समन जारी करने से यह संकेत मिलता है कि मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है।


जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का मामला

पुलिस के अनुसार, 13 अक्टूबर को सौरव दास, आशुतोष रांका और उनकी पार्टी के अन्य सदस्य जंतर-मंतर पहुंचे थे। पुलिस का आरोप है कि वे एक निजी परिसर से होकर ऐसे क्षेत्र में दाखिल हुए, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया गया था। इस घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई की और संबंधित मामलों में एफआईआर दर्ज की।


14 अक्टूबर को सौरव दास और आशुतोष रांका को शांति बनाए रखने से संबंधित बॉंड के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उनकी न्यायिक हिरासत भी बढ़ाई गई थी। पुलिस ने उनके बयानों में कथित विरोधाभास और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंताएं व्यक्त की थीं।


क्राइम ब्रांच की जांच

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से जुड़े मामलों में से एक की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। अब जांच एजेंसी संबंधित घटनाक्रम, आरोपों और दोनों नेताओं की भूमिका से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। समन के माध्यम से दोनों को अपना पक्ष रखने और बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है।


फिलहाल, समन जारी होना जांच की प्रक्रिया का हिस्सा है और इससे किसी व्यक्ति का दोष साबित नहीं होता। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर निर्धारित की जाएगी।


अपडेट

अपडेट: यह जानकारी 22 अक्टूबर 2026 को उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है। दोनों नेताओं के समन पर पेश होने और पूछताछ के परिणामों से संबंधित आगे की जानकारी आधिकारिक पुष्टि के बाद ही जोड़ी जाएगी।