दिल्ली पुलिस ने एक्टिविस्ट तहसीन पूनावाला को नज़रबंद किया, E20 पेट्रोल नीति के खिलाफ विरोध की तैयारी

दिल्ली पुलिस ने एक्टिविस्ट तहसीन पूनावाला को E20 पेट्रोल नीति के खिलाफ planned विरोध मार्च और भूख हड़ताल से पहले नज़रबंद कर दिया। पूनावाला ने इस कार्रवाई को लेकर पुलिस पर सवाल उठाए और कहा कि उन्हें बिना किसी दस्तावेज़ के हिरासत में लिया गया। E20 पेट्रोल, जो 80% पेट्रोल और 20% इथेनॉल का मिश्रण है, को लेकर उपभोक्ता समूहों और विपक्षी दलों ने कड़ी आलोचना की है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और पूनावाला की प्रतिक्रिया।
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तहसीन पूनावाला का नज़रबंद होना

एक्टिविस्ट तहसीन पूनावाला ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें E20 पेट्रोल नीति के खिलाफ planned विरोध मार्च और भूख हड़ताल से पहले नज़रबंद कर दिया। पूनावाला, जो केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और इथेनॉल मिश्रित ईंधन के खिलाफ अभियान चला रहे हैं, ने शनिवार को कई वीडियो साझा किए, जिनमें पुलिसकर्मी उनके आवास के बाहर खड़े दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने ट्वीट किया कि दिल्ली पुलिस की पूरी टीम, जिसमें महिला अधिकारी भी शामिल हैं, ने उन्हें नज़रबंद कर दिया है। उन्होंने कहा, "नितिन गडकरी इथेनॉल से डर गए हैं।"


पुलिस से बातचीत

एक अन्य वीडियो में, पूनावाला एक पुलिस अधिकारी से पूछते हुए नजर आए कि उन्हें बिना किसी दस्तावेज़ के कैसे हिरासत में लिया जा सकता है। उन्होंने कहा, "कोई कागजात नहीं, कुछ नहीं। मैं नजरबंद हूँ। आज़ादी के 15 दिन पहले आप मुझे नजरबंद कर रहे हैं।" इस पर पुलिस अधिकारी ने उत्तर दिया कि उनके विरोध मार्च से कानून-व्यवस्था में बाधा आ सकती है और उनसे सहयोग करने का अनुरोध किया।


E20 पेट्रोल पर विवाद

पूनावाला ने E20 पेट्रोल के खिलाफ बढ़ते जन असंतोष का लाभ उठाने की कोशिश की है, जो 80% पेट्रोल और 20% इथेनॉल का मिश्रण है। इस नीति को लेकर विपक्षी दलों और उपभोक्ता समूहों ने कड़ी आलोचना की है। कई वाहन मालिक, विशेषकर 2023 से पहले के वाहनों के, का कहना है कि E20 के उपयोग से उनकी माइलेज में कमी आई है और रखरखाव का खर्च बढ़ गया है।


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