दिल्ली पुलिस और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद: हिमाचल में गिरफ्तारी का मामला

दिल्ली में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अर्धनग्न प्रदर्शन किया, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की। हिमाचल प्रदेश में गिरफ्तारी के दौरान दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच टकराव हुआ, जिसमें कई गिरफ्तारियां हुईं। यह मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है, जहां कांग्रेस इसे प्रतिशोध मान रही है। जानें इस घटनाक्रम की पूरी जानकारी और इसके पीछे की कहानी।
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दिल्ली पुलिस और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद: हिमाचल में गिरफ्तारी का मामला

दिल्ली में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का प्रदर्शन


हाल ही में दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के सदस्यों ने अर्धनग्न अवस्था में प्रदर्शन किया। यह घटना 19-20 फरवरी 2026 के बीच भारत मंडपम में हुई, जहां उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी। इस प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की, जिसमें आरोप लगाया गया कि प्रदर्शनकारियों ने देश की छवि को नुकसान पहुँचाया और अश्लीलता का प्रदर्शन किया।


हिमाचल प्रदेश में गिरफ्तारी की कार्रवाई

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने, जिसका नेतृत्व एसीपी राहुल विक्रम कर रहे थे, तीन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं (सौरभ सिंह, अरबाज खान और सिद्धार्थ अवधूत) को गिरफ्तार करने के लिए हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू क्षेत्र में पहुंची। ये कार्यकर्ता एक होटल में ठहरे हुए थे।


क्या हुआ हिमाचल में?



  • दिल्ली पुलिस की टीम ने सुबह लगभग 5 बजे सिविल वर्दी में पहुंचकर तीनों को गिरफ्तार किया।

  • हालांकि, हिमाचल प्रदेश पुलिस ने इसे बिना पूर्व सूचना के कार्रवाई बताते हुए दिल्ली पुलिस के जवानों को रोका। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर किडनैपिंग, ट्रेसपासिंग और रिसॉर्ट से DVR चोरी का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज की और 15-20 जवानों को हिरासत में ले लिया।

  • एक वाहन को जब्त करने की कोशिश भी की गई।

  • यह टकराव लगभग 18-25 घंटे तक चला, जिसमें कई बार मेडिकल जांच और कोर्ट में पेशी हुई। अंततः आधी रात को जज के घर जाकर ट्रांजिट रिमांड लिया गया।

  • हिमाचल पुलिस ने दो बार दिल्ली पुलिस को रोका, लेकिन अंततः कोर्ट के आदेश पर तीनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया।

  • एसीपी राहुल विक्रम ने कहा कि उनकी कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी थी और हिमाचल पुलिस डिजिटल सबूत या वाहन जब्त नहीं कर सकती।


एसीपी राहुल विक्रम की पहचान

राहुल विक्रम 2018 बैच के DANIPS अधिकारी हैं, जो उत्तर प्रदेश के उन्नाव के निवासी हैं। वे दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल में काउंटर-टेररिज्म यूनिट में कार्यरत हैं। उनकी टीम ने कई महत्वपूर्ण मामलों में सफलता प्राप्त की है, जैसे:



  • अलकायदा से जुड़े मॉड्यूल का भंडाफोड़।

  • सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के मास्टरमाइंड सचिन थापन और लॉरेंस बिश्नोई के करीबी गैंगस्टरों की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका।


वर्तमान स्थिति


  • तीनों यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली लाया गया है और उन्हें क्राइम ब्रांच में रखा गया है।

  • इस मामले में अब तक 11 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

  • दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच यह अंतर-राज्यीय टकराव अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है, जहां कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध मान रही है, जबकि दिल्ली पुलिस इसे कानूनी कार्रवाई बता रही है।


यह मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है, और आगे की जांच जारी है।