दिल्ली नगर निगम महापौर चुनाव में आम आदमी पार्टी का नामांकन न करने का निर्णय

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली नगर निगम के महापौर चुनाव में भाग न लेने का निर्णय लिया है। पार्टी का मानना है कि इससे भाजपा की नाकामियों को उजागर करने का अवसर मिलेगा। जानें इस निर्णय के पीछे की वजहें और आगामी चुनाव की महत्वपूर्ण तिथियाँ।
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दिल्ली नगर निगम महापौर चुनाव में आम आदमी पार्टी का नामांकन न करने का निर्णय gyanhigyan

आम आदमी पार्टी का महापौर चुनाव में भाग न लेने का फैसला

आम आदमी पार्टी (AAP) ने बुधवार को घोषणा की कि वह दिल्ली नगर निगम (MCD) के महापौर चुनाव में भाग नहीं लेगी, जबकि नामांकन की प्रक्रिया समाप्त होने में एक दिन बाकी है। 250 सदस्यों वाली MCD विधानसभा में भाजपा के पास 123 पार्षदों का मजबूत बहुमत है। आम आदमी पार्टी के पास 101 पार्षद हैं, जबकि शेष में इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (जो AAP से अलग हुई है), कांग्रेस और निर्दलीय पार्षद शामिल हैं। दिल्ली आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पार्टी ने महापौर चुनाव में भाग न लेने का निर्णय लिया है। पिछले वर्ष भी पार्टी ने महापौर और उप महापौर पदों के लिए चुनाव नहीं लड़ा था।


 


भारद्वाज ने कहा कि चुनाव में भाग न लेकर आम आदमी पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि भाजपा MCD में अपनी नाकामियों के जरिए बेनकाब हो जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सभी स्तरों पर सत्ता में होने के बावजूद दिल्ली में कोई सकारात्मक बदलाव लाने में असफल रही है। भाजपा को काम करने की कला नहीं आती, जबकि केवल आम आदमी पार्टी ही काम करने में सक्षम है। केंद्र और दिल्ली दोनों में भाजपा की सत्ता है, साथ ही MCD पर भी उसका नियंत्रण है।


 


महापौर, उप महापौर और स्थायी समिति के तीन सदस्यों के लिए चुनाव 29 अप्रैल को आयोजित किए जाएंगे। पार्षदों के नामांकन की प्रक्रिया 23 अप्रैल को शाम 5 बजे समाप्त होगी। इसके अलावा, गुजरात के पंचमहल जिले में पुलिस ने गोधरा नगरपालिका चुनाव में आम आदमी पार्टी के एक उम्मीदवार और पार्टी के दो कार्यकर्ताओं से जुड़े कथित हवाला लेनदेन की जांच शुरू की है। यह जांच 26 अप्रैल को होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव से पहले शुरू की गई है।