दिल्ली दंगों में दो आरोपियों को अदालत ने बरी किया
दिल्ली की अदालत का फैसला
दिल्ली की एक अदालत ने 2020 में हुए उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े सभी आरोपों से दो व्यक्तियों को बरी कर दिया है। अदालत ने यह निर्णय दिया कि अभियोजन पक्ष अपने मामले को साबित करने में असफल रहा।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश परवीन सिंह ने प्रशांत मल्होत्रा और गौरव को बरी किया, जिन पर 24 फरवरी, 2020 को एक दुकान में आग लगाने और चांद बाग क्षेत्र में दंगाई भीड़ का हिस्सा होने का आरोप था।
अदालत ने 24 दिसंबर, 2025 को दिए गए आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष अपने मामले को सभी उचित संदेहों से परे साबित करने में असमर्थ रहा है। इसके परिणामस्वरूप, दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ दिया गया है।
चांद बाग में फल की दुकान के मालिक की शिकायत के आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि दंगाई भीड़ ने उसकी दुकान और घर में आग लगा दी।
अदालत ने यह भी कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत वीडियो उस घटना से संबंधित नहीं है और आरोपियों के अपराध को साबित नहीं करता। इस मामले में खजूरी खास थाने में विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
