दिल्ली दंगों में ताहिर हुसैन को हत्या का दोषी ठहराया गया

दिल्ली की अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया है। हालांकि, अदालत ने उन पर आपराधिक साजिश का आरोप हटा दिया। इस मामले में चार अन्य व्यक्तियों को भी दोषी ठहराया गया है, जबकि छह अन्य को बरी कर दिया गया। यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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दिल्ली दंगों का महत्वपूर्ण फैसला

दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से संबंधित एक महत्वपूर्ण मामले में सोमवार को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी पाया। हालांकि, अदालत ने हुसैन पर आपराधिक साजिश का आरोप हटा दिया। यह निर्णय कड़कड़डूमा अदालत द्वारा सुनाया गया, जिस पर सभी की निगाहें थीं। यह मामला फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा से जुड़ा हुआ है।


ताहिर हुसैन के अलावा, इस मामले में चार अन्य व्यक्तियों को भी दोषी ठहराया गया है, जिनमें नाज़िम, क़ासिम, अनस और जावेद शामिल हैं। हालांकि, अदालत ने पर्याप्त सबूत न होने के कारण छह अन्य आरोपियों को बरी कर दिया। फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी, और उनका शव बाद में पास के नाले से बरामद किया गया, जिससे देशभर में भारी आक्रोश फैल गया। यह मामला शर्मा के पिता की शिकायत पर दयालपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। ताहिर हुसैन के अलावा 10 अन्य आरोपियों को भी नामजद किया गया था।


दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की, जिसमें धारा 109 (उकसाना), 114, 147 (दंगा करना), 148 (घातक हथियार के साथ दंगा करना), 149 (गैर-कानूनी जमावड़ा), 436 (आग से नुकसान पहुंचाना), 153A (दुश्मनी को बढ़ावा देना), 505 (सार्वजनिक अशांति फैलाने वाले बयान), 365 (अपहरण), 302 (हत्या), 201 (सबूत मिटाना), 120B (आपराधिक साजिश) और 34 (साझा इरादा) शामिल हैं। अदालत ने ताहिर हुसैन को हत्या के मामले में दोषी ठहराया, लेकिन आपराधिक साजिश से संबंधित धारा 120B के आरोप से उन्हें बरी कर दिया। आगे की कार्यवाही के बाद सज़ा सुनाए जाने की संभावना है।