दिल्ली की अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बरी किया
दिल्ली की अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से बरी कर दिया है। यह मामला ओलंपिक पदक विजेता पहलवान विनेश फोगाट के आरोपों से शुरू हुआ था, जिसके बाद देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। अदालत के इस फैसले ने पिछले तीन वर्षों से चल रहे इस विवाद को समाप्त कर दिया है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और बृजभूषण की प्रतिक्रिया।
| Aug 3, 2026, 11:11 IST
महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण शरण सिंह को राहत
दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार, 3 अगस्त को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को छह महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से बरी कर दिया। यह मामला भारतीय खेलों की सबसे चर्चित कानूनी लड़ाइयों में से एक रहा है। पहलवान विनेश फोगाट ने आरोप लगाया था कि वह उन छह महिला एथलीटों में से एक थीं, जिनका यौन उत्पीड़न WFI प्रमुख के रूप में सिंह के कार्यकाल के दौरान हुआ। सिंह ने लगातार इन सभी आरोपों का खंडन किया। इन आरोपों के चलते 2023 में देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। ओलंपिक पदक विजेता पहलवान जैसे विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने सिंह की गिरफ्तारी और महासंघ से हटाने की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया।
विवाद की शुरुआत और विरोध प्रदर्शन
यह कानूनी और राजनीतिक विवाद विनेश फोगाट के गंभीर आरोपों से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि WFI प्रमुख के रूप में सिंह के कार्यकाल के दौरान महिला एथलीटों का यौन उत्पीड़न किया गया। बृजभूषण शरण सिंह ने शुरू से ही इन आरोपों को खारिज किया। इन आरोपों के कारण 2023 में देशभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। ओलंपिक पदक विजेता पहलवानों ने सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर महीनों तक धरना दिया। नए संसद भवन की ओर मार्च के दौरान पुलिस द्वारा एथलीटों को हिरासत में लिए जाने की घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया।
विनेश फोगाट का खुलासा और कानूनी प्रक्रिया
यह फैसला ओलंपिक खिलाड़ी विनेश फोगाट द्वारा हाल ही में सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार करने के कुछ महीनों बाद आया है कि वह इस मामले में छह मुख्य शिकायतकर्ताओं में से एक थीं। इस साल की शुरुआत में एक वीडियो संदेश में विनेश ने बताया था कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के तहत अपनी पहचान गोपनीय रखी थी। इसके अलावा, बृजभूषण शरण सिंह को एक नाबालिग पहलवान से जुड़े पॉक्सो मामले में भी राहत मिल चुकी है, जब दिल्ली की अदालत ने पुलिस की उस रिपोर्ट को स्वीकार किया जिसमें मामले को रद्द करने की सिफारिश की गई थी।
बृजभूषण शरण सिंह की प्रतिक्रिया
अदालत के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने अपनी बेगुनाही को दोहराया। उन्होंने कहा, "मैंने पहले ही दिन कहा था कि अगर आरोप सच साबित हुए, तो मैं फांसी लगा लूंगा। आज अदालत द्वारा बरी किए जाने पर मुझे बहुत खुशी है। यह मेरे और मेरे समर्थकों के लिए एक बड़ी राहत है।"
मामले का अंत
सोमवार को आए इस अदालत के फैसले के साथ ही पिछले तीन वर्षों से भारतीय कुश्ती जगत को हिलाकर रख देने वाले इस बहुचर्चित मामले में वयस्क पहलवानों से जुड़ी आपराधिक कार्यवाही फिलहाल समाप्त हो गई है।
