दिल्ली का लाल किला स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए बंद
लाल किले की बंदी का कारण
दिल्ली का प्रसिद्ध लाल किला बुधवार से लेकर 15 अगस्त तक आम जनता के लिए बंद रहेगा। यह निर्णय सरकार द्वारा देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों के मद्देनजर लिया गया है। इस अवधि में पर्यटकों को इस ऐतिहासिक स्थल पर जाने की अनुमति नहीं होगी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने सुरक्षा प्रबंधों और स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों के चलते एक महीने के लिए लाल किले में आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित करेंगे.
सुरक्षा इंतज़ाम और तैयारियाँ
इस बंदी का मुख्य उद्देश्य वार्षिक राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती और लॉजिस्टिक्स को सुगम बनाना है। इस समारोह में वीआईपी, अधिकारी और आमंत्रित मेहमानों सहित हजारों लोग शामिल होते हैं, जिसके लिए कई सुरक्षा एजेंसियों को व्यापक इंतज़ाम करने पड़ते हैं। लाल किले का एक महीने तक बंद रहना कोई नई बात नहीं है, लेकिन इतनी लंबी अवधि की पाबंदियाँ कम ही देखने को मिलती हैं। आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया (ASI) ने भी सुरक्षा प्रबंधों के लिए 15 जुलाई से 15 अगस्त, 2025 तक इस स्मारक को पर्यटकों के लिए बंद रखा था.
पिछले वर्षों की तुलना
पिछले वर्षों में, बंद रहने की अवधि आमतौर पर कम होती थी। उदाहरण के लिए, 2021 में स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा कारणों से लाल किला 21 जुलाई से 15 अगस्त तक बंद रहा था। वहीं, 2018 में आम लोगों का प्रवेश केवल 8 अगस्त से 15 अगस्त तक रोका गया था। हर साल, स्वतंत्रता दिवस से कुछ हफ्ते पहले सुरक्षा एजेंसियां लाल किले का नियंत्रण अपने हाथ में ले लेती हैं, जब प्रधानमंत्री वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं.
धमकी भरा कॉल और सुरक्षा उपाय
हाल ही में, शनिवार को मुंबई पुलिस को एक धमकी भरा फ़ोन कॉल मिला जिसमें कहा गया कि दिल्ली के लाल किले को उड़ा दिया जाएगा। दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई इस जानकारी की जांच में पता चला कि यह कॉल झूठा था। इन तैयारियों में सुरक्षा के लिए व्यापक जांच, मंच निर्माण, बैठने की व्यवस्था, रिहर्सल और कई सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती शामिल होती है, जिसके कारण अक्सर यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल पर आम लोगों के आने-जाने पर पाबंदी लगानी पड़ती है.
