दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर, GRAP-2 लागू

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक हो गई है, जिसके चलते GRAP-2 लागू किया गया है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 324 तक पहुंच गया है, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। नए उपायों के तहत सड़कों की सफाई, धूल नियंत्रण, और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 7 से 10 दिनों में प्रदूषण में कमी की उम्मीद कम है। जानें लोगों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए और GRAP-2 के तहत क्या बदलाव होंगे।
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दिल्ली में वायु गुणवत्ता की चिंताजनक स्थिति


नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के स्तर में निरंतर वृद्धि के चलते वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने सोमवार को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण, GRAP-2, को तुरंत लागू करने का निर्णय लिया है। सोमवार शाम 4 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 324 दर्ज किया गया, जो कि बेहद खराब श्रेणी में आता है।


प्रदूषण के खिलाफ उठाए जाने वाले कदम

इस सीजन में पहली बार दिल्ली की हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंची है। मौसम की प्रतिकूलता को देखते हुए आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर ऊंचा बने रहने की संभावना है।


GRAP-2 लागू होने के बाद क्या बदलाव होंगे?


GRAP-2 के तहत प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन को सड़कों से धूल और वाहनों से निकलने वाले धुएं को कम करने के निर्देश दिए गए हैं।


मुख्य उपायों में शामिल हैं:



  • सड़कों की नियमित मैकेनिकल सफाई और पानी का छिड़काव।

  • धूल कम करने के लिए एंटी-स्मॉग गन का उपयोग।

  • खुले में कचरा जलाने पर सख्त रोक।

  • निर्माण स्थलों से मलबे का उचित निस्तारण।

  • ट्रैफिक जाम वाले क्षेत्रों में यातायात पुलिस की तैनाती।

  • प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई।

  • पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों के नियमों का पालन।


होटल और रेस्टोरेंट के लिए नए दिशा-निर्देश

GRAP-2 के तहत होटल, रेस्टोरेंट और सड़क किनारे खाने-पीने की दुकानों को तंदूर में कोयले और लकड़ी का उपयोग करने से रोका जाएगा। उन्हें गैस या बिजली से चलने वाले उपकरणों का उपयोग करने के लिए कहा गया है।


इसके अलावा, औद्योगिक इकाइयों, ईंट भट्ठों और बिजली संयंत्रों की निगरानी बढ़ाई जाएगी ताकि वे प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन करें।


बिजली आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि डीजल जनरेटर पर निर्भरता कम हो। मेट्रो, आरआरटीएस और सीएनजी व इलेक्ट्रिक बसों की सेवाओं को बढ़ाने के लिए भी कहा गया है।


दिल्ली का AQI में तेजी से वृद्धि

दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में हाल के दिनों में तेजी से गिरावट आई है।



  • 30 अक्टूबर: AQI 60

  • 31 अक्टूबर: AQI 117

  • 1 नवंबर: AQI 261

  • 2 नवंबर: AQI 324


सोमवार को दिल्ली के 59 निगरानी केंद्रों में से 58 के आंकड़े उपलब्ध थे। इनमें से 36 केंद्रों पर हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई। जहांगीरपुरी में AQI 417 दर्ज हुआ, जो गंभीर श्रेणी में आता है।


आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद कम

मौसम विशेषज्ञ नवदीप दहिया ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी हवाओं और धीमी हवा की गति के कारण प्रदूषक वातावरण में लंबे समय तक बने रह सकते हैं।


उन्होंने अगले 7 से 10 दिनों तक मौसम की अनुकूल परिस्थितियों की संभावना कम बताई है, जिससे दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में स्मॉग बढ़ने की आशंका है।


लोगों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

CAQM ने लोगों से प्रदूषण कम करने में सहयोग करने की अपील की है।



  • निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।

  • संभव हो तो कार पूलिंग करें।

  • वाहनों का नियमित रखरखाव कराएं और PUC प्रमाणपत्र वैध रखें।

  • ट्रैफिक सिग्नल पर वाहन का इंजन बंद रखें।

  • कूड़ा खुले में न जलाएं।

  • डीजल जनरेटर का उपयोग सीमित रखें।

  • पटाखे जलाने से बचें।


प्रदूषण से जुड़े नियमों के उल्लंघन की शिकायत 311, ग्रीन दिल्ली और SAMEER ऐप के माध्यम से की जा सकती है।


GRAP-2 के तहत प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास

GRAP-2 लागू होने के साथ ही दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति और AQI के आंकड़े यह तय करेंगे कि हवा की गुणवत्ता में कितना सुधार होता है।