दिल्ली-एनसीआर में मौसम में बदलाव: भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को हाल ही में जारी गर्मी से राहत मिली है, जब मौसम अचानक बदल गया और तेज आंधी के साथ भारी बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 6 जून तक के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है, जिसमें हल्की से मध्यम बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इस बीच, केरल में दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून ने दस्तक दी है। जानें IMD के पूर्वानुमान और मौसमी बारिश के बारे में अधिक जानकारी।
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दिल्ली-एनसीआर में राहत की बारिश

दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को हाल ही में जारी गर्मी से राहत मिली है। गुरुवार को, राजधानी और उसके आस-पास के क्षेत्रों में मौसम अचानक बदल गया, जिससे तेज आंधी और भारी बारिश हुई। इस स्थिति को देखते हुए, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 6 जून तक के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों में दिल्ली-एनसीआर में हल्की से मध्यम बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की संभावना है।


IMD का पूर्वानुमान

यह पूर्वानुमान दिल्ली के सभी जिलों के लिए है, जिसमें मध्य, पूर्वी, नई दिल्ली, उत्तरी, उत्तर-पूर्वी, उत्तर-पश्चिमी, शाहदरा, दक्षिणी, दक्षिण-पूर्वी, दक्षिण-पश्चिमी और पश्चिमी दिल्ली शामिल हैं। IMD ने आंधी-तूफान की गतिविधियों को 'बहुत संभावित' बताया है और निवासियों को सलाह दी है कि वे दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और अन्य संबंधित एजेंसियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।


केरल में मॉनसून की शुरुआत

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, यह मौसम परिवर्तन उस समय हुआ है जब गुरुवार को केरल में दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून ने दस्तक दी। आमतौर पर, मॉनसून 1 जून के आसपास केरल पहुंचता है, जो दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून के मौसम की शुरुआत का संकेत है। IMD ने बताया कि दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून ने 4 जून, 2026 को दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के शेष हिस्सों, पश्चिम-मध्य और पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों, पूरे लक्षद्वीप, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ना शुरू कर दिया है।


मौसमी बारिश का पूर्वानुमान

IMD ने पहले 26 मई को केरल में मॉनसून के आगमन का अनुमान लगाया था, लेकिन इसमें देरी हुई। विभाग ने मौसमी बारिश के अपने पूर्वानुमान में संशोधन किया है, जिसमें कहा गया है कि बारिश सामान्य से कम हो सकती है। IMD का अनुमान है कि इस वर्ष भारत में बारिश, लंबे समय के औसत (LPA) का लगभग 90% होगी। यदि बारिश LPA के 90% से कम होती है, तो इसे 'कमी' की श्रेणी में रखा जाएगा।


अल नीनो का प्रभाव

अभी, भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में 'न्यूट्रल अल नीनो-सदर्न ऑसिलेशन' की स्थितियाँ धीरे-धीरे 'अल नीनो' स्थितियों में बदल रही हैं। IMD ने बताया कि जून में 'अल नीनो' की स्थितियाँ कमजोर रहने की संभावना है, जबकि सितंबर में ये मध्यम से लेकर मजबूत हो सकती हैं।