दिल्ली उच्च न्यायालय ने पूर्व विधायक नरेश बालियान की जमानत याचिका खारिज की
जमानत याचिका पर अदालत का निर्णय
नई दिल्ली, 3 अगस्त: दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक नरेश बालियान को संगठित अपराध से संबंधित एक मामले में जमानत देने से मना कर दिया। न्यायमूर्ति मनोज जैन ने बालियान की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, 'हम इसे खारिज कर रहे हैं।'
बालियान को 4 दिसंबर 2024 को महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत गिरफ्तार किया गया था। उसी दिन एक निचली अदालत ने उन्हें एक अन्य मामले में जमानत दी थी।
बालियान का बचाव
जमानत के लिए आवेदन करते हुए, बालियान ने अदालत में तर्क दिया कि उनके खिलाफ 'कोई ठोस सबूत नहीं है' और यह मामला 'पूर्णतः निराधार' है। उन पर आरोप है कि वह एक संगठित अपराध गिरोह की गतिविधियों में संलिप्त थे। इससे पहले, 15 जनवरी 2025 को एक निचली अदालत ने भी मकोका के इसी मामले में उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।
अभियोजन पक्ष का तर्क
इस मामले में अभियोजन पक्ष ने दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में दर्ज 16 प्राथमिकियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस गिरोह ने समाज में अराजकता फैलाई और अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित की।
