दिल्ली उच्च न्यायालय ने केजरीवाल की याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया

दिल्ली उच्च न्यायालय ने आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल की याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया है, जिसमें आबकारी नीति मामले में न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने की मांग की गई थी। न्यायालय ने अगली सुनवाई की तिथि 13 अप्रैल निर्धारित की है। इस मामले में सीबीआई की स्थिति को लेकर अदालत ने गंभीर टिप्पणियां की हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और आगे की सुनवाई के बारे में।
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दिल्ली उच्च न्यायालय का निर्णय

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल द्वारा दायर याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी किया है। इस याचिका में आबकारी नीति मामले में न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने की मांग की गई थी। न्यायालय ने यह भी बताया कि इस मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल को होगी। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, न्यायालय ने न्यायमूर्ति शर्मा को हटाने के आवेदन को रिकॉर्ड में लिया है और दूसरे पक्ष को इस आवेदन की अग्रिम सूचना दी जा चुकी है। उन्हें कल तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।


केजरीवाल का अनुरोध

दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय ने पहले केजरीवाल के अनुरोध को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने सीबीआई की याचिका पर सुनवाई को न्यायमूर्ति शर्मा की अदालत से किसी अन्य न्यायाधीश के पास स्थानांतरित करने की मांग की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले से खुद को अलग करने का निर्णय संबंधित न्यायाधीश को लेना होगा। केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने 11 मार्च को दिए गए एक अभ्यावेदन में कहा था कि न्यायमूर्ति शर्मा के समक्ष मामले की सुनवाई निष्पक्ष नहीं होगी। सुनवाई अदालत ने 27 फरवरी को केजरीवाल, सिसोदिया और 21 अन्य आरोपियों को आरोप मुक्त कर दिया था।


सीबीआई की स्थिति

अदालत ने सीबीआई को फटकार लगाते हुए कहा कि उसका मामला न्यायिक जांच में पूरी तरह से खरा नहीं उतर सका और अविश्वसनीय साबित हुआ। सुनवाई अदालत के फैसले के खिलाफ सीबीआई द्वारा दाखिल अपील पर 9 मार्च को सभी 23 आरोपियों को नोटिस जारी करते हुए न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा कि आरोप तय करने के चरण में निचली अदालत की कुछ टिप्पणियां और निष्कर्ष प्रथम दृष्टया त्रुटिपूर्ण प्रतीत होते हैं। इसके अलावा, न्यायमूर्ति शर्मा की पीठ ने शराब नीति मामले में सीबीआई के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की निचली अदालत की सिफारिश पर भी रोक लगा दी।