दिल्ली उच्च न्यायालय ने आरबीआई लोकपाल के निर्देशों पर रोक लगाई
दिल्ली उच्च न्यायालय का महत्वपूर्ण निर्णय
दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के लोकपाल द्वारा दिए गए निर्देशों पर रोक लगा दी। यह निर्देश उन मामलों में लागू होने थे, जहां किसी शिकायत को खारिज किया गया था, और इसके लिए प्रशिक्षित विधिक कर्मियों द्वारा मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता थी।
इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ द्वारा की गई। पीठ ने 27 नवंबर, 2025 को एकल न्यायाधीश द्वारा जारी निर्देश पर रोक लगाई।
पीठ ने कहा, 'इसलिए, हम यह निर्देश देते हैं कि अगली सुनवाई तक, विवादित आदेश के पैराग्राफ 47(5) और 48 में दिए गए निर्देशों को स्थगित रखा जाएगा।' इसके साथ ही, अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को निर्धारित की।
अदालत ने यह भी कहा कि रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर को 15 जनवरी तक एक हलफनामा दाखिल करना होगा, जिसमें एकल न्यायाधीश के निर्देशों के कार्यान्वयन के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख होगा।
एकल न्यायाधीश ने 27 नवंबर 2025 को अपने निर्णय में उपभोक्ता शिकायतों के निपटारे की प्रणाली को मजबूत करने के लिए कई निर्देश दिए थे।
