दिल्ली उच्च न्यायालय ने अवरुद्ध पैरोडी अकाउंट को बहाल करने का आदेश दिया
दिल्ली उच्च न्यायालय का महत्वपूर्ण निर्णय
दिल्ली उच्च न्यायालय ने प्रतीक शर्मा द्वारा चलाए जा रहे अवरुद्ध पैरोडी अकाउंट "डॉ. निमो यादव" को तुरंत बहाल करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, कुमार नयन द्वारा संचालित पैरोडी अकाउंट 'नेहर हू' के लिए भी इसी प्रकार का आदेश जारी किया गया। न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने शर्मा और नयन की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्णय लिया।
हालांकि, न्यायमूर्ति कौरव ने यह स्पष्ट किया कि केंद्र द्वारा आपत्तिजनक माने गए कुछ पोस्ट अभी भी ब्लॉक रहेंगे। शर्मा को निर्देश दिया गया है कि वे समीक्षा समिति के समक्ष उपस्थित होकर यह स्पष्ट करें कि क्या ये पोस्ट ब्लॉक रहेंगे।
डॉ. निमो यादव और नेहर हू उन 12 एक्स खातों में शामिल हैं जिन्हें इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeiTY) के निर्देशों के तहत 19 मार्च को ब्लॉक किया गया था।
शर्मा ने अपने पैरोडी खाते के ब्लॉक होने को चुनौती देते हुए सरकार से इस संबंध में आदेश मांगा। सरकार ने बताया कि खाता इसलिए ब्लॉक किया गया क्योंकि यह "प्रधानमंत्री से संबंधित झूठी बातें फैला रहा था और उन्हें गलत तरीके से पेश कर रहा था।"
सरकार ने डॉ. निमो यादव के अकाउंट पर की गई पोस्ट को मानहानिकारक बताते हुए कहा कि इसमें तस्वीरें, वीडियो और एआई-मैनिपुलेटेड कंटेंट का उपयोग किया गया था, जिससे प्रधानमंत्री मोदी की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। आदेश में यह भी कहा गया है कि इस तरह की झूठी जानकारी फैलाने से सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और इससे "आंतरिक सुरक्षा को खतरा" पैदा हो सकता है।
