दिल्ली-अलवर नमो भारत RRTS कॉरिडोर: ट्रैफिक समस्या का समाधान

दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक की समस्या को हल करने के लिए केंद्र सरकार ने दिल्ली-अलवर नमो भारत RRTS कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा है। यह हाई-स्पीड रेल परियोजना दिल्ली, गुरुग्राम, हरियाणा और राजस्थान के बीच यात्रा को सुगम बनाएगी। 100 मिनट में सफर पूरा करने की योजना के साथ, यह परियोजना 22 स्टेशनों के साथ विकसित होगी। जानें इस परियोजना की लागत, लाभ और निर्माण कार्य की शुरुआत के बारे में।
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दिल्ली-अलवर RRTS कॉरिडोर का प्रस्ताव

दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक की बढ़ती समस्या और लंबी यात्रा के समय को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने दिल्ली-अलवर नमो भारत RRTS कॉरिडोर का प्रस्ताव पेश किया है। यह हाई-स्पीड रेल परियोजना दिल्ली, गुरुग्राम, हरियाणा और राजस्थान के बीच यात्रा को और अधिक सुगम बनाएगी। इस परियोजना के पूरा होने पर, गुरुग्राम से अलवर तक का सफर मात्र 100 मिनट में पूरा किया जा सकेगा, जबकि सड़क मार्ग से यह यात्रा काफी लंबी होती है.


किस-किस शहर को मिलेगा लाभ?

इस 91 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर की शुरुआत दिल्ली के सराय काले खां मल्टीमॉडल ट्रांजिट हब से होगी। इसके बाद यह INA, मुनिरका और एयरोसिटी होते हुए गुरुग्राम पहुंचेगा। गुरुग्राम में यह लाइन साइबर सिटी, इफको चौक, राजीव चौक और हीरो होंडा चौक जैसे प्रमुख स्थानों को जोड़ेगी। इसके बाद कॉरिडोर खेड़की दौला, मानेसर, पंचगांव, बिलासपुर चौक, धारूहेड़ा, रेवाड़ी, बावल, नीमराना और बहरोड़ होते हुए अलवर तक जाएगा। इस परियोजना में कुल 22 स्टेशन बनाने की योजना है, जिनमें से पांच भूमिगत होंगे जबकि बाकी एलिवेटेड और ग्राउंड लेवल पर होंगे.


परियोजना की लागत

इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 37,539 करोड़ रुपये है। पूरा कॉरिडोर लगभग 164 किलोमीटर क्षेत्र में फैला होगा। इसमें वही आधुनिक रैपिड रेल तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जो वर्तमान में दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर में लागू है। हाई-स्पीड ट्रेनें यात्रियों को सड़क मार्ग की तुलना में बहुत कम समय में गंतव्य तक पहुंचाएंगी.


निर्माण कार्य की शुरुआत

इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य आरंभ होगा। अधिकारियों के अनुसार, यह एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, इसलिए इसे पूरा होने में कुछ वर्ष लग सकते हैं। हालांकि, जमीन अधिग्रहण और योजना की प्रक्रिया को तेज करने के प्रयास किए जा रहे हैं.


आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि

विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली-अलवर RRTS कॉरिडोर एनसीआर क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा। भिवाड़ी और नीमराना जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से निवेश और व्यापार में वृद्धि की संभावना है। इसके अलावा, रोजाना दिल्ली, गुरुग्राम और राजस्थान के बीच यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को ट्रैफिक और लंबी यात्रा से राहत मिलेगी.