दिल्ली अदालत ने विधानसभा सुरक्षा चूक मामले में आरोपी का मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण कराने का आदेश दिया

दिल्ली की अदालत ने विधानसभा सुरक्षा चूक मामले में आरोपी सरबजीत सिंह के मानसिक स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए एक विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया है। आरोपी के वकील ने अदालत में बताया कि सरबजीत बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित है। अदालत ने निर्देश दिया कि आवश्यकता पड़ने पर आरोपी को इहबास के निदेशक के समक्ष पेश किया जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।
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मानसिक स्वास्थ्य का आकलन

नई दिल्ली, 28 जुलाई: दिल्ली की एक अदालत ने विधानसभा सुरक्षा चूक के मामले में आरोपी सरबजीत सिंह के मानसिक स्वास्थ्य का मूल्यांकन करने के लिए मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान (इहबास) को एक विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड बनाने का निर्देश दिया है। यह आदेश तब दिया गया जब आरोपी के वकील ने अदालत को बताया कि सरबजीत ‘बाइपोलर डिसऑर्डर’ से ग्रसित है। वकील ने इस संबंध में मेडिकल बोर्ड के गठन की मांग की थी।


‘बाइपोलर डिसऑर्डर’ एक मानसिक स्वास्थ्य विकार है, जिसमें व्यक्ति के मूड, ऊर्जा, गतिविधियों और सोचने के तरीके में असामान्य और अत्यधिक उतार-चढ़ाव होता है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अंकुर जैन ने मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम के तहत आरोपी की याचिका पर सुनवाई की। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यदि आवश्यक हो, तो आरोपी को मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान के निदेशक के समक्ष पेश किया जाए।


सरबजीत सिंह ने 6 अप्रैल, 2026 को विधानसभा परिसर के एक गेट पर अपनी कार चढ़ा दी थी, जिससे वहां तैनात एक सुरक्षाकर्मी घायल हो गया था। अदालत ने 27 जुलाई को अपने आदेश में याचिका को स्वीकार करते हुए मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान के निदेशक को मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम के तहत विशेषज्ञों का एक मेडिकल बोर्ड बनाने का निर्देश दिया। यह बोर्ड यह जांच करेगा कि आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ है या नहीं और क्या वह अपने बचाव में सक्षम है।


अभियोजन पक्ष ने भी मेडिकल बोर्ड के गठन पर कोई आपत्ति नहीं उठाई। मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।