दिल्ली अदालत ने रहेजा डेवलपर्स के प्रमुखों को गिरफ्तारी से दी राहत

दिल्ली की अदालत ने धनशोधन मामले में रहेजा डेवलपर्स के चेयरमैन नवीन रहेजा और प्रबंध निदेशक नयन रहेजा को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी है। अदालत ने कहा कि गैर-जमानती वारंट का आरोपियों के अधिकारों पर गंभीर प्रभाव पड़ता है और इसे यांत्रिक तरीके से जारी नहीं किया जाना चाहिए। ईडी ने आरोप लगाया कि दोनों आरोपी जांच में शामिल नहीं हुए, जबकि बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि उन्होंने जांच में सहयोग किया है। अगली सुनवाई तीन सितंबर को होगी।
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दिल्ली की अदालत का महत्वपूर्ण निर्णय

नई दिल्ली, चार अगस्त: दिल्ली की एक अदालत ने धनशोधन के मामले में रहेजा डेवलपर्स लिमिटेड के चेयरमैन नवीन एम. रहेजा और प्रबंध निदेशक नयन एन. रहेजा को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत प्रदान की है। अदालत ने कहा कि गैर-जमानती वारंट का आरोपियों के अधिकारों पर गंभीर प्रभाव पड़ता है और इसे यांत्रिक तरीके से जारी नहीं किया जाना चाहिए। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शीतल चौधरी ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।


अदालत का आदेश और उसके प्रभाव

इस याचिका में आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ अनिश्चित समय के लिए गैर-जमानती वारंट जारी करने की मांग की गई थी। अदालत ने तीन अगस्त को दिए गए आदेश में कहा कि किसी भी आरोपी के खिलाफ प्रक्रिया शुरू करने का मुख्य उद्देश्य अदालत में उसकी उपस्थिति सुनिश्चित करना होता है। गैर-जमानती वारंट जारी करने के व्यापक प्रभाव होते हैं, इसलिए इसे सोच-समझकर जारी किया जाना चाहिए।


ईडी का आरोप और बचाव पक्ष की दलीलें

अदालत ने कहा कि सभी पहलुओं पर उचित विचार करना आवश्यक है और प्रक्रिया को यांत्रिक तरीके से नहीं चलाना चाहिए। ईडी का आरोप है कि दोनों आरोपी जांच में शामिल नहीं हुए और वर्ष 2022 में दर्ज ईसीआईआर के संबंध में जारी समन का पालन नहीं किया। बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा ने अदालत को बताया कि दोनों ने वर्ष 2025 में चार बार व्यक्तिगत रूप से ईडी के समक्ष पेश होकर जांच में सहयोग किया।


अगली सुनवाई और अदालत के निर्देश

बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि दोनों आरोपी न तो फरार हैं और न ही कानून की प्रक्रिया से बच रहे हैं। उन्होंने अदालत को आश्वस्त किया कि जब भी बुलाया जाएगा, वे जांच में शामिल होंगे। साथ ही, अग्रिम जमानत याचिका और अन्य याचिकाएं दिल्ली उच्च न्यायालय में लंबित हैं। अदालत ने कहा कि ईडी की याचिका पर बहस अभी पूरी नहीं हुई है और आरोपी की उपस्थिति सुनिश्चित करना मुख्य उद्देश्य है।


अगली सुनवाई की तारीख

अदालत ने नवीन और नयन रहेजा को निर्देश दिया कि वे जांच अधिकारी के बुलाने पर जांच में शामिल हों और पूरा सहयोग करें। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई तीन सितंबर को निर्धारित की है।