दिलजीत दोसांझ की राजनीति में एंट्री पर नई चर्चा
दिलजीत दोसांझ का राजनीतिक रुख
गायक दिलजीत दोसांझ हमेशा से सुर्खियों में बने रहते हैं। कभी अपने कॉन्सर्ट के कारण, तो कभी उनके बयानों की वजह से। अब वह राजनीति में शामिल होने की संभावनाओं को लेकर चर्चा का विषय बने हुए हैं। दिलजीत ने हमेशा पंजाब के मुद्दों पर अपनी राय स्पष्ट रूप से रखी है।
चाहे वह कोरोना के दौरान किसानों का आंदोलन हो या पिछले साल की भयानक बाढ़, दिलजीत ने हमेशा इन मुद्दों पर लोगों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की है। एक गायक और अभिनेता के रूप में, वह अपने सार्वजनिक मंच का उपयोग समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को उठाने के लिए करते हैं।
क्या दिलजीत राजनीति में कदम रखेंगे?
हाल ही में एक समाचार पत्र ने यह सवाल उठाया कि क्या दिलजीत पंजाब का नया राजनीतिक चेहरा बन सकते हैं। इस पर दिलजीत ने अपने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "कदे वी नहीं.. मेरा काम एंटरटेन करना है। मैं अपने क्षेत्र में बहुत खुश हूं। धन्यवाद।"
पिछले हफ्ते, दिलजीत ने कनाडा के कैलगरी में अपने कॉन्सर्ट को अचानक रोक दिया। खबरों के अनुसार, उन्होंने खालिस्तान के झंडे लहरा रहे प्रदर्शनकारियों को देखकर अपना प्रदर्शन रोक दिया। उन्होंने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि वे जितने चाहें झंडे लहरा सकते हैं, लेकिन वे हमेशा पंजाब का गर्व बनाए रखेंगे।
दिलजीत ने यह भी बताया कि उन्हें दोनों तरफ से आलोचना का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा, "जब मैं भारत जाता हूं, तो लोग कहते हैं खालिस्तानी आ गया और जब मैं यहां आता हूं, तो लोग कुछ और कहते हैं। मुझे दोनों तरफ से गालियां मिलती हैं। मुझे समझ नहीं आता कि मैं कहां जाऊं। मुझे बस एक ही रास्ता पता है, उसी पर चलना है।"
