दिग्गज शूटर जसपाल राणा का निधन: दिल के स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता
जसपाल राणा का निधन
भारत के प्रसिद्ध शूटर जसपाल राणा का शुक्रवार को निधन हो गया। 1 जून को जर्मनी से लौटते समय उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उनके दिल में स्टेंट डाला गया था।
दिल की बीमारी का खतरा
विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार, हर साल लगभग 1.8 करोड़ लोग दिल की बीमारियों के कारण अपनी जान गंवाते हैं, और हार्ट अटैक मृत्यु का प्रमुख कारण बना हुआ है। मानव शरीर हार्ट अटैक के प्रारंभिक लक्षणों के संकेत देता है, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
चिंताजनक यह है कि कई लोग हार्ट अटैक के लक्षणों को महसूस करते हैं, लेकिन जानकारी की कमी के कारण समय पर इनका सही आकलन नहीं कर पाते। हालांकि, यह भी सच है कि हर बार ऐसा होना आवश्यक नहीं है।
हार्ट अटैक के लक्षण
इन लक्षणों में छाती में हल्का दर्द, थकान, और सांस लेने में कठिनाई शामिल हो सकती है, जिन्हें अक्सर सामान्य समस्याओं के रूप में टाल दिया जाता है। 40 वर्ष की आयु में अचानक हार्ट अटैक आने से पहले कोई स्पष्ट चेतावनी लक्षण नहीं दिखाई देते।
दिल का दर्द या एसिडिटी?
प्रारंभिक लक्षणों में छाती में हल्का दर्द, अत्यधिक थकान, सांस फूलना, और जबड़े में दर्द शामिल हो सकते हैं। कई मरीजों ने इमरजेंसी में पहुंचने पर बताया कि उन्होंने थकान को नजरअंदाज किया या छाती की बेचैनी को गैस समझकर टाल दिया।
दिल से जुड़े दर्द में छाती में कसाव और भारीपन महसूस हो सकता है, जो हाथ, जबड़े या पीठ तक फैल सकता है। एसिडिटी आमतौर पर खाने के समय होती है और जलन पैदा करती है, लेकिन यह पाचन की दवाओं से ठीक हो जाती है।
महिलाओं में लक्षण
पुरुषों और महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण भिन्न हो सकते हैं। जबकि पुरुषों में छाती का दर्द सामान्य लक्षण है, महिलाओं में स्पष्ट लक्षण नहीं होते। महिलाओं में अत्यधिक थकान, सांस लेने में कठिनाई, चक्कर आना, और पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द हो सकता है।
यदि महिलाओं को बिना किसी कारण के थकान और सांस लेने में कठिनाई होती है, तो उन्हें इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, भले ही उन्हें छाती में तेज दर्द न हो।
टेस्ट्स में संकेतों की कमी
डॉक्टरों का मानना है कि कई बार रूटीन टेस्ट के परिणाम नकारात्मक हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, ECG में कोई समस्या नहीं दिख सकती है और ब्लड टेस्ट भी सामान्य हो सकते हैं। प्रारंभिक चरण में रक्त वाहिकाओं में छोटे ब्लॉकेज या अस्थिर प्लाक छिपे हुए जोखिम हो सकते हैं, जो अचानक हार्ट अटैक का कारण बन सकते हैं।
स्मार्टवॉच और मॉनिटरिंग
इस प्रकार के उपकरण आपकी हार्ट रेट को ट्रैक करने में मदद कर सकते हैं और कुछ अनियमितताओं का पता लगा सकते हैं, लेकिन इन पर पूरी तरह से निर्भर नहीं रहना चाहिए।
स्टेंट डालने के बाद भी खतरा
- कई कारण हो सकते हैं, जैसे मरीज द्वारा खून पतला करने वाली दवाओं का समय पर न लेना या स्टेंट पर थक्का जमना, जिससे हार्ट अटैक हो सकता है।
- यह जानना भी आवश्यक है कि स्टेंट केवल एक या दो ब्लॉक हुई नसों को खोलता है। यदि हृदय की अन्य नसों में ब्लॉकेज बढ़ जाए, तो दिल का दौरा पड़ने का खतरा बना रहता है।
- कुछ मरीजों में खून पतला करने वाली दवाएं ठीक से काम नहीं करती हैं, जिससे क्लॉटिंग का खतरा बना रहता है।
- यदि स्टेंट गंभीर हार्ट अटैक के बाद लगाया गया हो और दिल की मांसपेशियां पहले से कमजोर हो चुकी हों, तो अचानक दिल की धड़कन रुक सकती है।
