दहेज प्रथा का भयानक सच: एक महिला की दर्दनाक कहानी
दहेज प्रथा का अभिशाप
दहेज एक ऐसी सामाजिक बुराई है, जो समाज के लिए एक गंभीर समस्या बन चुकी है। यह प्रथा लंबे समय से चली आ रही है, और इसके खिलाफ भारतीय कानून भी स्पष्ट है कि दहेज लेना और देना दोनों ही अपराध हैं। फिर भी, कई लोग इसे गलत नहीं मानते, जिसके कारण अनेक परिवार बर्बाद हो चुके हैं।
दहेज के कारण कई लड़कियों की जिंदगी भी बर्बाद हो चुकी है। हाल ही में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जो दहेज प्रथा की क्रूरता को उजागर करता है। आइए, इस घटना के बारे में विस्तार से जानते हैं।
यह मामला गुरदासपुर का है, जहां एक महिला लगभग 8 महीने पहले शादी करके अपने ससुराल आई थी। शुरुआत में सब कुछ ठीक था, लेकिन कुछ समय बाद ससुराल वालों ने उस पर दहेज के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। गांव के सरपंच हरप्रीत सिंह के अनुसार, मनजीत कौर की शादी सिमरन से हुई थी। शादी के समय मनजीत के पिता ने अपनी सामर्थ्यानुसार दहेज दिया था, जिसके बाद शादी संपन्न हुई।
दहेज के लिए प्रताड़ना
शादी के बाद, मनजीत को उसके ससुराल वालों ने दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। बताया जाता है कि दहेज की मांग को लेकर मनजीत के साथ अक्सर मारपीट की जाती थी। मनजीत के पिता हरप्रीत का कहना है कि ससुराल वाले कई बार उन्हें फोन करके या तो उनकी बेटी को वापस ले जाने की बात कहते थे या फिर दहेज की मांग करते थे। यह जानकर हैरानी होती है कि मनजीत का पति, जो सेना में कार्यरत है, ने भी दहेज की मांग की।
पड़ोसियों के अनुसार, मनजीत का पति हाल ही में घर आया था, लेकिन घर लौटने के बाद उसने अपनी पत्नी के साथ झगड़ा किया और फिर ड्यूटी पर चला गया। अगले दिन मनजीत ने अपने पिता को फोन किया और बताया कि उसके ससुराल वाले उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। उसने कहा कि अगर मदद नहीं मिली, तो उसकी जान को खतरा है।
पिता ने तुरंत अपनी बेटी के ससुराल जाने का निर्णय लिया। वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि मनजीत की लाश ससुराल वालों के घर की लॉबी में पड़ी हुई थी। इस दुखद स्थिति को देखकर उन्होंने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मनजीत की लाश को अपने कब्जे में लिया और ससुराल वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया। बताया जा रहा है कि इसके बाद से ससुराल वाले फरार हैं।
