दशहरे पर रावण से जुड़ी अद्भुत मान्यताएं और श्रीलंका की गुफा

दशहरा, जो भगवान श्रीराम द्वारा रावण के वध के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, इस बार 19 अक्टूबर को धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर श्रीलंका में रावण से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों की खोज की गई है, जिसमें एक गुफा शामिल है, जहां रावण का शव रखा गया है। यह गुफा रैगला के जंगलों में स्थित है और यहां हनुमान जी के पैरों के निशान भी पाए जाते हैं। जानें इस अद्भुत मान्यता के बारे में और भी जानकारी।
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दशहरे पर रावण से जुड़ी अद्भुत मान्यताएं और श्रीलंका की गुफा gyanhigyan

दशहरा और रावण का महत्व

दशहरे पर रावण से जुड़ी अद्भुत मान्यताएं और श्रीलंका की गुफा


भारत के बाजारों में नवरात्रि और दशहरे का उत्सव जोर-शोर से मनाया जा रहा है। इस वर्ष, दशहरा 19 अक्टूबर, शुक्रवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। यह दिन भगवान श्रीराम द्वारा रावण के वध के उपलक्ष्य में विजयदशमी के रूप में मनाया जाता है।


श्रीलंका में रावण से जुड़े स्थल

रामायण और रावण से जुड़ी कई मान्यताएं विश्वभर में प्रचलित हैं। इनमें से एक मान्यता श्रीलंका से संबंधित है, जो भारत के मानचित्र के सबसे नीचे स्थित है। यहां रामायण से जुड़े कई ऐतिहासिक स्थल हैं, जो उस काल के इतिहास की गवाही देते हैं।


रिसर्चकर्ताओं का दावा है कि श्रीलंका में 50 ऐसे स्थल खोजे गए हैं, जो रामायण से सीधे जुड़े हुए हैं। इनमें एक गुफा का उल्लेख किया गया है, जिसमें रावण का शव रखा गया था। यह गुफा श्रीलंका के रैगला के जंगलों में स्थित है।


रावण का शव और विभिषण

आपने बचपन में रामलीला में देखा होगा कि भगवान श्रीराम ने रावण का वध करने के बाद उसके भाई विभिषण को रावण का शव सौंपा था। इसके बाद यह ज्ञात नहीं है कि विभिषण ने रावण का अंतिम संस्कार किया या नहीं।


मान्यता है कि श्रीलंका में रावण की गुफा है, जहां उसने तपस्या की थी। कहा जाता है कि इसी गुफा में आज भी रावण का शव सुरक्षित है, जो रैगला क्षेत्र में 8000 फुट की ऊंचाई पर स्थित है।


हनुमान जी के निशान

यहां तक कि मान्यता है कि जहां रावण ने सीता का अपहरण किया था, वहां एक झरना भी है। इस झरने की चट्टानों पर आज भी हनुमान जी के पैरों के निशान देखे जा सकते हैं।