थलपति विजय की पार्टी टीवीके सरकार बनाने की दिशा में तेजी से बढ़ रही है
टीवीके का राजनीतिक सफर
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता से नेता बने थलपति विजय ने राजनीतिक परिदृश्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है। उनकी पार्टी, तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके), सरकार गठन की प्रक्रिया में तेजी से आगे बढ़ रही है, जहां सभी की नजरें संख्या बल और संभावित गठबंधनों पर टिकी हुई हैं।
सरकार बनाने की तैयारी
चेन्नई में पार्टी के मुख्यालय में नव-निर्वाचित विधायकों के साथ बैठक के बाद संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी जल्द ही राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है। इसके साथ ही, सदन में बहुमत साबित करने के लिए लगभग दो सप्ताह का समय मांगा जा सकता है।
टीवीके की स्थिति
टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत के लिए आवश्यक आंकड़े से वह 11 सीट पीछे है। फिर भी, पार्टी को बाहरी समर्थन के जरिए सरकार बनाने की पूरी उम्मीद है।
11 सीटों का गणित
विजय ने पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट दोनों सीटों पर जीत हासिल की है। नियमों के अनुसार, उन्हें एक सीट छोड़नी होगी, जिससे पार्टी की संख्या 107 पर आ जाएगी। इस स्थिति में बहुमत जुटाना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।
संभावित विकल्प
पहला विकल्प: छोटी पार्टियों का समर्थन प्राप्त करना। यदि कांग्रेस की 5 सीटें, VCK की 2 सीटें, CPI की 2 सीटें और CPM की 2 सीटें मिलती हैं, तो बहुमत (118 सीटें) हासिल किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के कुछ नेता विजय के साथ आने के लिए सकारात्मक रुख दिखा रहे हैं।
दूसरा विकल्प: AIADMK के विधायकों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश करना। पार्टी के कुछ नेता इस दिशा में बातचीत कर रहे हैं। यदि कोई शीर्ष नेता राजी नहीं होता, तो व्यक्तिगत स्तर पर विधायकों से संपर्क साधा जा सकता है।
तीसरा विकल्प: PMK का समर्थन हासिल करना, जिसके पास 5 सीटें हैं। हालांकि, AIADMK के साथ भाजपा के संबंध इस समीकरण को जटिल बना सकते हैं, क्योंकि विजय पहले ही भाजपा को अपना वैचारिक विरोधी बता चुके हैं।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, टीवीके के सामने सरकार बनाने के लिए कई रास्ते खुले हैं, लेकिन हर विकल्प अपने साथ अलग-अलग चुनौतियां भी लेकर आता है। अब देखना होगा कि विजय किस रणनीति के साथ बहुमत का आंकड़ा पार कर पाते हैं।
