तेहरान में विरोध प्रदर्शन: खामेनेई और ट्रंप के बीच तीखी बयानबाजी
तेहरान में जारी विरोध प्रदर्शन
ईरान इस समय अपने इतिहास के सबसे गंभीर आंतरिक संकटों में से एक का सामना कर रहा है। दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए सरकार विरोधी आंदोलन अब देशभर में फैल चुके हैं। ये प्रदर्शन आर्थिक संकट, बेरोजगारी, बिजली और पानी की कटौती, और इंटरनेट सेंसरशिप के खिलाफ शुरू हुए थे, लेकिन अब ये सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और इस्लामिक गणराज्य की पूरी व्यवस्था के खिलाफ हो गए हैं।
प्रदर्शनकारियों की मांगें
प्रदर्शनकारियों ने "डिक्टेटर मौत" जैसे नारे लगाए और लायन एंड सन फ्लैग (पूर्व शाह का झंडा) लहराया, जो 1979 की इस्लामिक क्रांति के खिलाफ विद्रोह का प्रतीक बन गया है। सुरक्षा बलों की हिंसक कार्रवाई में हजारों लोगों की जान गई है। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, मौतों की संख्या 2,000 से 20,000 के बीच है, जिसमें बड़े पैमाने पर लाइव फायरिंग, गिरफ्तारियां और इंटरनेट ब्लैकआउट शामिल हैं। खामेनेई ने स्वीकार किया है कि "हजारों लोग मारे गए हैं", लेकिन उन्होंने इन मौतों का दोष अमेरिका और इजराइल पर डाला।
ट्रंप का समर्थन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है। उन्होंने ईरानियों से विरोध जारी रखने और सरकारी संस्थानों पर कब्जा करने की अपील की। ट्रंप ने कहा कि ईरान में "नई लीडरशिप" का समय आ गया है और खामेनेई की 37 साल पुरानी सत्ता का अंत होना चाहिए। उन्होंने खामेनेई को "बीमार व्यक्ति" और "पागल" कहा, यह बताते हुए कि उनके नेतृत्व में ईरान एक ऐसा स्थान बन गया है जहां कोई नहीं रहना चाहेगा। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर प्रदर्शनकारियों की हत्याएं या सामूहिक फांसी हुईं, तो अमेरिका "बहुत मजबूत कार्रवाई" करेगा।
खामेनेई की प्रतिक्रिया
खामेनेई ने ट्रंप को "अपराधी" और "घमंडी" कहा, उनके हाथों को ईरानी खून से सना बताया और अमेरिका को "साजिश" का केंद्र करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन "विदेशी प्लॉट" थे, जिसमें ट्रंप ने व्यक्तिगत रूप से प्रदर्शनकारियों को उकसाया। खामेनेई ने दावा किया कि ईरानी राष्ट्र ने अमेरिका को "हरा" दिया है और विद्रोह को कुचल दिया जाएगा।
वर्तमान स्थिति
वर्तमान में प्रदर्शन काफी हद तक दब गए हैं, सुरक्षा बलों की भारी मौजूदगी, कर्फ्यू और इंटरनेट प्रतिबंधों के कारण। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति अस्थिर है और बिना सुधारों के फिर से भड़क सकती है। अमेरिका ने ईरान के कुछ अधिकारियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं और ट्रंप ने ईरान के व्यापारिक साझेदारों पर टैरिफ की धमकी दी है।
