तेलंगाना के मुख्यमंत्री पर बीआरएस नेता का आरोप: राजनीतिक स्वार्थ और विरोधाभास

बीआरएस नेता रावुला श्रीधर रेड्डी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी पर केरल में चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक स्वार्थ और विरोधाभासी दावे करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी के बयान वास्तव में पूर्व सरकार की योजनाओं का परिणाम हैं। इस विवाद ने तब तूल पकड़ा जब रेवंत रेड्डी ने केरल में 'स्वर्ण युग' की शुरुआत की बात की। जानें इस राजनीतिक बहस के पीछे की पूरी कहानी।
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तेलंगाना के मुख्यमंत्री पर बीआरएस नेता का आरोप: राजनीतिक स्वार्थ और विरोधाभास

बीआरएस नेता का मुख्यमंत्री पर आरोप

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के नेता रावुला श्रीधर रेड्डी ने बुधवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी पर केरल में चुनाव प्रचार के दौरान "राजनीतिक स्वार्थ" और "विरोधाभासी" दावे करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के शासनकाल में प्राप्त आर्थिक उपलब्धियों का श्रेय रेवंत रेड्डी खुद ले रहे हैं।


बीआरएस नेता ने एएनआई से बातचीत में कहा कि केरल चुनाव प्रचार में रेवंत रेड्डी के बयान राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रेवंत रेड्डी ने पिनारयी विजयन को पत्र लिखकर चुनाव को केरल और तेलंगाना के बीच नहीं होने की बात कही, लेकिन फिर भी केसीआर का नाम घसीटते हुए उनके शासन को खराब बताया।


श्रीधर रेड्डी ने यह स्पष्ट किया कि रेवंत रेड्डी चुनाव प्रचार के दौरान तेलंगाना की प्रति व्यक्ति आय, बिजली की खपत और जीएसडीपी वृद्धि को अपनी उपलब्धियों के रूप में पेश कर रहे हैं, जबकि ये परिणाम वास्तव में पूर्व सरकार की दीर्घकालिक योजनाओं का परिणाम हैं।


उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां पिछले डेढ़ साल में नहीं, बल्कि केसीआर द्वारा रखी गई मजबूत नींव का नतीजा हैं। बीआरएस नेता ने मुख्यमंत्री के तर्क पर सवाल उठाते हुए कहा कि रेवंत रेड्डी कैसे अपनी उपलब्धियों को बताते हुए केसीआर के शासन को खराब कह सकते हैं। यह विवाद तब शुरू हुआ जब रेवंत रेड्डी ने 3 अप्रैल को केरल में "अंधकार युग" के अंत और "स्वर्ण युग" की शुरुआत की घोषणा की।