तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर कर्ज के मुद्दे को उठाया

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि 2014 से अब तक देश का कर्ज 151 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों के विकास कार्यों की सराहना की और वर्तमान सरकार के विकास कार्यों पर सवाल उठाए। रेड्डी ने शिक्षकों से शिक्षा क्षेत्र में बदलाव लाने का आह्वान किया और कहा कि वह 2034 तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे।
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कर्ज के बढ़ते बोझ पर मुख्यमंत्री का बयान

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बृहस्पतिवार को केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से अब तक देश का कर्ज 151 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया है। उन्होंने यह बात सरकारी शिक्षकों को संबोधित करते हुए कही, जो हाल ही में फिनलैंड और जर्मनी से लौटे थे। रेड्डी ने बताया कि अब देश पर कुल कर्ज 201 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि आजादी से 2014 तक सभी प्रधानमंत्रियों ने मिलकर केवल 51 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया था, जबकि वर्तमान प्रधानमंत्री के कार्यकाल में यह आंकड़ा 2014 से 2026 के बीच 151 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।


विकास कार्यों पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पूर्व प्रधानमंत्रियों ने रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली, शिक्षा, सिंचाई और पेयजल जैसी सुविधाओं का विकास किया। उन्होंने केंद्र सरकार के विकास कार्यों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या पिछले 12 वर्षों में देश को नए हवाई अड्डे, नई रेलवे लाइनें या बड़े बंदरगाह मिले हैं? रेड्डी ने संसद में हाल ही में दिए गए एक उत्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि देश का कर्ज अब 201 लाख करोड़ रुपये हो गया है।


शिक्षा क्षेत्र में बदलाव का आह्वान

रेड्डी ने शिक्षकों और उनके संगठनों से आग्रह किया कि वे शिक्षा क्षेत्र में अगले पांच वर्षों में बदलाव लाने का संकल्प लें। उन्होंने यह भी कहा कि वह 2034 तक मुख्यमंत्री बने रहने की योजना बना रहे हैं। इसके साथ ही, उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया, लेकिन उनकी आलोचना की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि छोटी घटनाओं को बड़ी जीत के रूप में पेश किया जाता है, जबकि पिछली कांग्रेस सरकारों के दौरान चीन और पाकिस्तान को युद्ध में हराया गया था और पाकिस्तान के विभाजन से बांग्लादेश का निर्माण हुआ था।