तेजस्वी यादव ने बिहार में भाजपा की हार पर उठाए सवाल

तेजस्वी यादव ने बिहार में भाजपा की हालिया हार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की नकारात्मक राजनीति का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और भाजपा ने दो चुनाव हारकर अपनी असफलता को साबित किया है। प्रशांत किशोर की जीत ने भाजपा के गढ़ को तोड़ा है। यादव ने मृत अधिकारी विमल कुमार के मामले में भी सवाल उठाए हैं। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में और क्या कहा गया।
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तेजस्वी यादव का भाजपा पर हमला

पटना, चार अगस्त: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) पर तीखा हमला करते हुए कहा कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की नकारात्मक राजनीति का नतीजा है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से भाजपा ने राज्य में दो चुनाव हार चुके हैं। पहले विधान परिषद चुनाव और अब बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव।"


उन्होंने आरोप लगाया कि "सम्राट चौधरी राज्य को चलाने में पूरी तरह असफल रहे हैं।"


इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है।


तेजस्वी ने आगे कहा, "हम बांकीपुर के जनादेश को स्वीकार करते हैं। यह जनादेश भाजपा नीत राजग और मुख्यमंत्री के खिलाफ है।"


जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने सोमवार को बांकीपुर विधानसभा सीट पर जीत हासिल की। यह सीट भाजपा का गढ़ मानी जाती थी, जिस पर पार्टी ने 1995 के बाद से कभी हार नहीं मानी थी।


भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के अप्रैल में राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने और विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देने के कारण बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराया गया था। किशोर ने अपने पहले चुनाव में 64,151 मत प्राप्त किए और भाजपा के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 19,324 मतों के अंतर से हराया। सिन्हा को पार्टी ने अंतिम समय में उम्मीदवार बनाया था, जब पूर्व में घोषित प्रत्याशी अभिषेक "बंटी" ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए अपना नाम वापस ले लिया था।


इस उपचुनाव में राजद की प्रत्याशी रेखा कुमारी को 14,273 मत मिले, जिससे वह तीसरे स्थान पर रहीं। यादव ने कहा, "हम बांकीपुर उपचुनाव के जनादेश को स्वीकार करते हैं। लोगों ने भाजपा नीत राजग और मुख्यमंत्री के खिलाफ मतदान किया है।"


भाजपा के प्रति जनता का गुस्सा स्पष्ट दिखाई दे रहा है। उन्होंने सवाल किया, "क्या मुख्यमंत्री ने 150 दिनों में एक भी बड़ा रचनात्मक कार्य किया है?"


इस बीच, डेहरी-डलमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की हाल में हुई मौत का मुद्दा उठाते हुए यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस मामले की सही तरीके से जांच नहीं कर रही है और मुख्यमंत्री तथा राज्य सरकार स्थानीय विधायक को संरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा, "मृत अधिकारी के परिजन निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे, लेकिन मुख्यमंत्री के पास उनसे मिलने का समय नहीं था।"


यादव ने कहा कि स्थानीय विधायक की भूमिका की पुलिस जांच होनी चाहिए, क्योंकि वह रंगदारी में लिप्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है और राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।


विमल कुमार का शव एक अगस्त को बिहार के औरंगाबाद जिले में मिला था। वह उसी दिन डेहरी से पटना जा रहे थे, जब बारुण क्षेत्र में सोन नहर सेवा पथ पर यह घटना हुई। यादव ने कहा, "मैं विमल कुमार के परिजनों से मिला हूं। इस मामले में विधायक के खिलाफ रंगदारी और हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।"


उन्होंने कहा कि अधिकारी स्थानीय जनप्रतिनिधि की कथित रंगदारी का शिकार हुए। उन्होंने सवाल किया, "मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर चुप्पी क्यों साधे हुए हैं?" और मृत अधिकारी के परिजनों को सुरक्षा और उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग की।