तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर उठाए सवाल

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने नीतीश कुमार को पूरी तरह से हाईजैक कर लिया है और यह पहले से ही स्पष्ट था कि भाजपा उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटा देगी। तेजस्वी ने बिहार में राजनीतिक बदलाव की बात की और भाजपा की रणनीति पर सवाल उठाए। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी।
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तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर उठाए सवाल

तेजस्वी यादव की प्रतिक्रिया

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने पहले ही भविष्यवाणी की थी कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहेंगे। तेजस्वी ने कहा कि यह बात उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दी थी। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में अब महाराष्ट्र मॉडल लागू किया जा रहा है। भाजपा पिछड़े नेताओं को सत्ता में नहीं रहने देती और केवल एक कठपुतली मुख्यमंत्री को स्थापित करती है।


नीतीश कुमार की स्थिति

तेजस्वी यादव ने आगे कहा, 'नीतीश जी को घोड़ा तो चढ़ाया गया है, लेकिन फेरा किसी और के साथ दिला रहे हैं।' भाजपा ने नीतीश कुमार को पूरी तरह से हाईजैक कर लिया है। नीतीश कुमार ने कहा है कि वे राज्यसभा जाना चाहते हैं। आरजेडी नेता ने पहले ही कहा था कि चुनाव के बाद भाजपा नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहने देगी। आज यह बात सच साबित हो गई है। जनता की आकांक्षाएं इस सत्ता परिवर्तन के खिलाफ हैं।


भाजपा की रणनीति

यादव ने कहा कि उन्हें पहले से ही यह जानकारी थी। जब उन्होंने 28 जनवरी, 2024 को कहा था कि जेडीयू का सफाया हो जाएगा, तो भाजपा को वे परिणाम नहीं मिले जिनका उन्होंने दावा किया था। इसलिए, एक साल की देरी हुई। अन्यथा, वे जेडीयू को बहुत पहले ही समाप्त कर चुके होते। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों ने निशांत को पहले आने से रोका। अब यह स्पष्ट है कि भाजपा बिहार को कैसे बर्बाद कर रही है। आरजेडी भाजपा के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी।


राजनीतिक बदलाव

इससे पहले, आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि बिहार की राजनीति में अचानक एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। किसी ने नहीं सोचा था कि भाजपा चुनाव के तुरंत बाद नीतीश कुमार को हटा देगी। तेजस्वी यादव ने लगातार कहा था कि भाजपा जेडीयू को खत्म कर देगी। जेडीयू के कई नेता भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जबकि कुछ नीतीश कुमार को सत्ता में बनाए रखना चाहते हैं। यह एक बड़ा राजनीतिक अपहरण है और भाजपा का अपने सहयोगियों के प्रति रवैया धीरे-धीरे स्पष्ट हो रहा है।