तेजस्वी यादव ने केरल विधानसभा चुनाव में LDF के साथ गठबंधन की घोषणा की
तेजस्वी यादव का LDF के साथ चुनावी गठबंधन
राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने रविवार को यह जानकारी दी कि उनकी पार्टी आगामी केरल विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। राज्य में LDF का मुकाबला कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) से है। यादव ने स्पष्ट किया कि RJD का उद्देश्य LDF को सत्ता में बनाए रखने में सहायता करना है। यह बयान यादव ने बिहार में RJD के नेतृत्व वाले महागठबंधन के विधायकों के साथ बैठक के बाद दिया। यह मुलाकात राज्यसभा की पांच सीटों के लिए मतदान से कुछ घंटे पहले हुई, जिसमें से एक सीट पर RJD चुनाव लड़ रही है।
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने महागठबंधन के विधायकों के साथ बैठक के बाद यह घोषणा की। उल्लेखनीय है कि बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए मतदान 16 मार्च, सोमवार को होना है। यादव ने कहा, 'हमारी पार्टी केरल में LDF के हिस्से के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ेगी। हमें उम्मीद है कि हम LDF की राज्य में सत्ता बनाए रखने में मदद करेंगे।'
कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) केरल में प्रतिद्वंद्वी हैं, लेकिन बिहार में महागठबंधन के तहत सहयोगी हैं।
बिहार में राज्यसभा चुनाव और महागठबंधन के आंकड़े: बिहार विधानसभा में RJD के 25 विधायक हैं। पार्टी महागठबंधन के अन्य सहयोगियों के 10 विधायकों पर भी भरोसा कर रही है। इसके अलावा, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी 'ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन' (AIMIM) के पांच विधायकों पर भी नजर रखी जा रही है। मायावती की पार्टी 'बहुजन समाज पार्टी' (BSP) के एक विधायक से भी समर्थन मिलने की उम्मीद है।
महागठबंधन के विधायकों को पटना के एक होटल में रात बिताने के लिए कहा गया था। AIMIM और BSP के विधायकों को भी रात रुकने के लिए आमंत्रित किया गया था। इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मतदान के समय सभी सदस्य मौजूद रहें।
बिहार से राज्यसभा की पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। RJD ने अपने मौजूदा सांसद अमरेंद्र धारी सिंह को मैदान में उतारा है। शेष पांच उम्मीदवार सत्ताधारी 'राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन' (NDA) के हैं, जिसमें 'जनता दल यूनाइटेड' (JDU) के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विधायक नितिन नवीन शामिल हैं।
चुनाव की तैयारियों के दौरान, ऐसी अफवाहें फैलीं कि कांग्रेस के छह विधायकों में से चार विधायक लापता हैं। इससे 'क्रॉस-वोटिंग' की आशंका बढ़ गई। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह व्यवस्थाओं का जायज़ा लेने के लिए होटल पहुंचे। उन्होंने कहा, 'वे चारों विधायक मेरे आवास पर हैं। महागठबंधन में कोई समस्या नहीं है, और हम राज्यसभा की सीट जीतने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। NDA को अपनी चिंता करनी चाहिए। हमें पता चला है कि उनके 20 विधायक लापता हैं।'
ये टिप्पणियां उस समय आईं जब सभी पार्टियां बिहार विधानसभा में होने वाले कड़े मुकाबले की तैयारी कर रही थीं। RJD और उसके सहयोगी दलों का पूरा ध्यान मतदान होने तक अपने विधायकों की संख्या को एकजुट बनाए रखने पर था। इस बीच, यादव की केरल से जुड़ी घोषणा ने RJD की भूमिका के विस्तार का संकेत दिया। पार्टी ने कहा कि वह आगामी केरल विधानसभा चुनावों में 'वाम लोकतांत्रिक मोर्चा' (LDF) के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ेगी।
