तेज प्रताप यादव और प्रशांत किशोर की मुलाकात: बिहार की राजनीति में नया मोड़
तेज प्रताप यादव, जो आरजेडी से निष्कासित हो चुके हैं, ने प्रशांत किशोर से मुलाकात की है। इस मुलाकात को बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां दोनों नेताओं ने जनता की अपेक्षाओं और राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा की। तेज प्रताप ने इसे अपने राजनीतिक जीवन का एक महत्वपूर्ण अनुभव बताया। क्या यह मुलाकात बिहार में एक नए राजनीतिक मोर्चे का निर्माण करेगी? जानें पूरी कहानी।
| Apr 22, 2026, 20:24 IST
तेज प्रताप यादव की महत्वपूर्ण मुलाकात
जनशक्ति जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव, जिन्हें लगभग एक वर्ष पूर्व आरजेडी से बाहर किया गया था, ने मंगलवार की रात को राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर से मुलाकात की। यह बैठक एक गुप्त स्थान पर हुई, जिसका एक संक्षिप्त वीडियो उन्होंने X पर साझा किया। तेज प्रताप ने इस चर्चा को बिहार की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनके ट्वीट में उल्लेख किया गया कि उन्होंने जनता की अपेक्षाओं और बदलते राजनीतिक परिदृश्यों पर गहन चर्चा की। यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि इसमें कई ऐसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ जो भविष्य में राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
इस कदम को पिछले नवंबर में विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद बिहार की राजनीति में अपनी पहचान बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। महुआ सीट पर उन्हें भारी हार का सामना करना पड़ा, जहां वे तीसरे स्थान पर रहे। उन्हें एलजेपी (राम विलास) के उम्मीदवार संजय कुमार सिंह से 51,938 वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। उनके छोटे भाई तेजस्वी प्रसाद यादव, जिन्हें हाल ही में आरजेडी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, ने राघोपुर निर्वाचन क्षेत्र से 1,18,597 वोट प्राप्त कर जीत हासिल की।
तेज प्रताप ने X पर लिखा कि इस संवाद को वे अपने राजनीतिक जीवन का एक महत्वपूर्ण अनुभव मानते हैं, जिसमें सकारात्मक सोच और जनसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने का उनका संकल्प और भी मजबूत हुआ है। सत्ताधारी एनडीए और विपक्षी महागठबंधन के कुछ नेताओं ने नाम न छापने की शर्त पर स्वीकार किया कि यदि तेज प्रताप और किशोर गठबंधन बनाते हैं, तो यह राज्य में एक "तीसरा मोर्चा" बन सकता है।
48 वर्षीय प्रशांत किशोर ने कहा कि वे जन सूरज पार्टी को किसी अन्य पार्टी के साथ गठबंधन में शामिल नहीं करना चाहते, बल्कि बिहार को एक नया राजनीतिक विकल्प प्रदान करना चाहते हैं। फिर भी, विधानसभा चुनावों के दौरान उन्होंने तेज प्रताप के प्रति अपने विचार तेजस्वी यादव और बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की तुलना में अधिक सकारात्मक बताए।
आज का दिन राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहा। मेरी मुलाकात Prashant Kishor जी से हुई, जहाँ हमने जनहित और भविष्य की राजनीति को लेकर गहन चर्चा की।
— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14) April 21, 2026
इस दौरान जनता की अपेक्षाओं और बदलते राजनीतिक समीकरणों पर विस्तार से बात हुई। यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि इसमें कई ऐसे… pic.twitter.com/ARcOHdbjHx
