तृणमूल कांग्रेस ने हाई कोर्ट में फ्रीज़ किए गए बैंक अकाउंट्स को लेकर दी याचिका

तृणमूल कांग्रेस ने एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट द्वारा पार्टी के बैंक खातों को फ्रीज़ करने के आदेश के खिलाफ कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। इस मामले की सुनवाई सोमवार को होने की उम्मीद है। पार्टी इसे राजनीतिक प्रतिशोध का मामला मानती है, जबकि केंद्रीय एजेंसी मनी ट्रेल की जांच कर रही है। इसके अलावा, पार्टी ने धर्मतला में रैली की अनुमति के लिए कानूनी कदम उठाया है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और पुलिस के सख्त आदेश के बारे में।
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तृणमूल कांग्रेस की कानूनी लड़ाई

तृणमूल कांग्रेस ने एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) द्वारा पार्टी के बैंक खातों को फ्रीज़ करने के आदेश के खिलाफ कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। इस मामले की सुनवाई सोमवार को होने की संभावना है। यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब हाई कोर्ट की एक अन्य बेंच ने सितंबर तक अंतरिम राहत प्रदान की थी, जिसमें रिटायर्ड जस्टिस की देखरेख में तीन बैंक खातों से सीमित लेनदेन की अनुमति दी गई थी। पार्टी इसे राजनीतिक प्रतिशोध और उत्पीड़न का मामला मान रही है, जबकि केंद्रीय एजेंसी का कहना है कि वह मनी ट्रेल की जांच कर रही है। इसके अतिरिक्त, एनफोर्समेंट अधिकारियों ने नकली हस्ताक्षर अभियान से जुड़े मामले में पार्टी के एक प्रमुख नेता के ठिकानों पर भी कार्रवाई की है। 


धर्मतला में रैली की अनुमति के लिए कानूनी कदम

पार्टी के एक धड़े ने धर्मतला में रैली आयोजित करने के लिए कोलकाता पुलिस को आवेदन दिया था, जो पुरानी परंपरा के अनुसार था। हालांकि, पुलिस मुख्यालय 'लालबाज़ार' से कोई स्पष्ट उत्तर न मिलने पर, पार्टी ने कार्यक्रम की अनुमति प्राप्त करने के लिए कानूनी रास्ता अपनाने का निर्णय लिया। इस सप्ताह की शुरुआत में तनाव बढ़ गया जब TMC नेता कुणाल घोष, बैश्वानर चट्टोपाध्याय और डोला सेन विक्टोरिया हाउस के सामने बिना किसी औपचारिक अनुमति के मंच बनाने के लिए जगह मापते हुए देखे गए। इस कदम की विधानसभा में कड़ी आलोचना हुई; विपक्ष ने नेताओं के व्यवहार पर सवाल उठाए और कहा कि सार्वजनिक सड़कों पर इस तरह का कब्ज़ा नहीं किया जा सकता।


पुलिस का सख्त आदेश

स्थिति और भी जटिल हो गई जब पुलिस ने 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS) की धारा 163 के तहत एक सख्त आदेश जारी किया। इस आदेश के अनुसार, मध्य कोलकाता के एक बड़े हिस्से में 2 जुलाई से 30 अगस्त तक हर प्रकार की सार्वजनिक सभाओं पर रोक लगा दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस दौरान धर्मतला में रैली की अनुमति मिलने की संभावना कम है।