तृणमूल कांग्रेस को झटका: 14 सांसदों की भाजपा नेताओं से मुलाकात

दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की बैठक के बीच तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। 14 सांसदों ने भाजपा के नेताओं से मुलाकात की, जिससे पार्टी में असंतोष की स्थिति और बढ़ गई है। सुखेन्दु शेखर रॉय के इस्तीफे के बाद यह घटनाक्रम सामने आया है। रॉय ने सत्ता के नशे और पार्टी के भीतर के मुद्दों पर गंभीर चिंता जताई है। जानें इस राजनीतिक हलचल के पीछे की पूरी कहानी।
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तृणमूल कांग्रेस को झटका: 14 सांसदों की भाजपा नेताओं से मुलाकात gyanhigyan

दिल्ली में राजनीतिक हलचल

दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की महत्वपूर्ण बैठक चल रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को एक बड़ा झटका लगा है। हाल ही में, 14 सांसद भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मिले हैं। इस मुलाकात के बाद टीएमसी को और भी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी उपस्थित थे। ममता बनर्जी के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।


सुखेन्दु शेखर रॉय का इस्तीफा

टीएमसी के वरिष्ठ नेता सुखेन्दु शेखर रॉय के पार्टी से इस्तीफा देने के बाद, नई दिल्ली में उनकी और टीएमसी के पांच लोकसभा सांसदों की मुलाकात ने नए राजनीतिक कयासों को जन्म दिया है। यह घटनाक्रम उस समय हुआ है जब पार्टी आंतरिक असंतोष की आशंकाओं से जूझ रही है। रॉय ने आरजी कर हत्याकांड और बलात्कार की घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि टीएमसी के नेताओं को सत्ता का नशा इस कदर चढ़ गया था कि उन्हें लगता था कि कोई उन्हें छू भी नहीं सकता।


भाजपा की सरकार का प्रभाव

उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार का आना एक ऐतिहासिक घटना है, और मतदान प्रतिशत 97 या 98% के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। रॉय ने आरोप लगाया कि पिछले पंद्रह वर्षों में सत्ता में रहे नेता जमीनी हकीकत से कट गए हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया गया है। इसके बजाय, बिचौलिए और अपराधी सामने आ गए हैं।


सामाजिक मुद्दों पर चिंता

रॉय ने यह भी कहा कि करोड़ों रुपये की लूट हुई है और उन्होंने नई सरकार से मांग की है कि पिछले पांच वर्षों में बंगाल के सभी अस्पतालों द्वारा की गई खरीद की जांच की जाए। उन्होंने बलात्कार और हत्या की घटनाओं को समाज के लिए जघन्य बताया।