तृणमूल कांग्रेस के विधायक का निलंबन और संसद में विवाद

तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष को विधानसभा से निलंबित कर दिया गया है, जबकि कल्याण बनर्जी को लोकसभा से निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया गया है। दोनों मामलों में महिलाओं के प्रति अभद्र व्यवहार के आरोप शामिल हैं। जानें इन घटनाओं के पीछे की पूरी कहानी और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं।
 | 
gyanhigyan

तृणमूल कांग्रेस के विधायक का निलंबन

तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष को विधानसभा से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब उन्होंने होम और हिल अफेयर्स बजट पर चर्चा के दौरान बागी TMC चीफ व्हिप अखरुज्जमां की बात में हस्तक्षेप किया। स्पीकर के निर्देश पर, मार्शल ने कुणाल घोष को सदन से बाहर ले जाने का काम किया। मंत्री तापस रॉय ने स्पीकर से इस सत्र के लिए घोष को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घोष के आचरण को अस्वीकार्य बताया और कहा कि इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि हम विपक्ष में हैं, लेकिन कुछ जिम्मेदारियां होती हैं। अखरुज्जमां एक वरिष्ठ विधायक हैं और उनके पिता भी लंबे समय तक विधायक रह चुके हैं।


केंद्रीय कानून मंत्री का प्रस्ताव

एक अन्य घटनाक्रम में, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी को संसद के मौजूदा मॉनसून सत्र के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया। यह प्रस्ताव महिला सांसदों के प्रति अभद्र व्यवहार और अमर्यादित भाषा के आरोपों के आधार पर लाया गया। यह तब हुआ जब सदन की अध्यक्षता कर रहे टीडीपी सांसद केपी तेनेटी ने बताया कि स्पीकर को बनर्जी के व्यवहार के संबंध में एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। इसके बाद सदन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।


महिलाओं के प्रति अभद्र व्यवहार के आरोप

शिकायत में यह आरोप लगाया गया कि बनर्जी ने संसद की कार्यवाही के दौरान अभूतपूर्व व्यवहार किया और महिलाओं के प्रति नफरत भरे अंदाज में एनसीपीआई सदस्यों और मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ मौखिक दुर्व्यवहार किया। बागी टीएमसी सांसद और एनसीपीआई नेता काकोली घोष दस्तीदार ने बनर्जी के निलंबन का समर्थन करते हुए कहा कि टीएमसी सांसद ने बार-बार महिलाओं को निशाना बनाया और उनके खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।