तुलसी तोड़ने के नियम: रात में और विशेष दिनों में क्यों न करें?

तुलसी, जिसे हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है, के तोड़ने के लिए कुछ महत्वपूर्ण नियम हैं। विशेष रूप से रात में और कुछ खास दिनों में तुलसी को न तोड़ने की सलाह दी जाती है। यह न केवल धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा है, बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी हैं। जानें कि क्यों तुलसी को रात में छूना वर्जित है और किन दिनों में इसे तोड़ने से बचना चाहिए।
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तुलसी का महत्व


हिंदू धर्म में तुलसी को अत्यंत पवित्र माना जाता है और इसे देवी का स्वरूप माना जाता है। विष्णु की पूजा में तुलसी का होना अनिवार्य है, इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। तुलसी में कई औषधीय गुण भी होते हैं, जिससे इसे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। हालांकि, इसे तोड़ने के लिए कुछ विशेष नियम हैं, जिनका पालन न करने पर देवी तुलसी नाराज हो सकती हैं।


रात में तुलसी तोड़ने की मनाही

तुलसी तोड़ने के नियम: रात में और विशेष दिनों में क्यों न करें?


रात के समय तुलसी तोड़ने की मनाही का कारण यह है कि तुलसी के पौधे को राधा रानी का रूप माना जाता है। शाम के समय राधा और श्रीकृष्ण का रास होता है, इसलिए इस समय तुलसी को छूना वर्जित है। यदि कोई इस समय तुलसी को छूता है, तो उसे तुलसी मां और श्रीकृष्ण का प्रकोप झेलना पड़ सकता है।


वैज्ञानिक दृष्टिकोण

तुलसी तोड़ने के नियम: रात में और विशेष दिनों में क्यों न करें?


वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी रात में तुलसी तोड़ने के पीछे कारण है। सूर्यास्त के बाद तुलसी के पौधे पर कई कीड़े मकोड़े होते हैं, जो रात में तोड़ने पर नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा, रात में प्रकाश संश्लेषण नहीं होता, जिससे तुलसी अधिक कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ती है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है।


विशेष दिनों में तुलसी न तोड़ें

शास्त्रों के अनुसार, कुछ विशेष दिनों में भी तुलसी की पत्तियां नहीं तोड़नी चाहिए। जैसे रविवार और मंगलवार को तुलसी न तोड़ें। अमावस्या के दिन भी तुलसी की पत्तियां नहीं तोड़नी चाहिए।


ग्रहण के समय, जैसे सूर्य या चंद्र ग्रहण, तुलसी की पत्तियां तोड़ने से बचना चाहिए। ग्रहण से पहले, तुलसी की पत्तियां तोड़कर घर में विशेष स्थानों पर रखनी चाहिए ताकि ग्रहण का बुरा प्रभाव न पड़े।