तिरुवनंतपुरम में तैराकी प्रशिक्षक आर. राजेश का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ

तिरुवनंतपुरम में तैराकी प्रशिक्षक आर. राजेश का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उनके साहसिक कार्यों और बलिदान ने सभी को प्रभावित किया। मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। जानें कैसे राजेश ने बाढ़ में जान बचाने के लिए अपनी लाइफ जैकेट दी और अपनी जान गंवाई।
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राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

तिरुवनंतपुरम, 5 अगस्त: कन्नूर जिले में मीनथुल्ली द्वीप के निकट बाढ़ के पानी में बहने वाले तैराकी प्रशिक्षक आर. राजेश का अंतिम संस्कार बुधवार को राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उनके घर पर भावुक माहौल देखने को मिला, जब उनके बेटे ने पिता का चेहरा देखने की इच्छा जताई। इस दृश्य ने मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन को भी भावुक कर दिया।


मुख्यमंत्री और नेताओं की श्रद्धांजलि

सतीशन शोकाकुल परिवार के पास खड़े रहे और आंसू भरी आंखों के साथ वहां से चले गए। मुख्यमंत्री, राज्य मंत्रियों और अन्य राजनीतिक नेताओं ने राजेश के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दी। वर्दीधारी पुलिसकर्मियों ने बंदूक की सलामी के साथ अंतिम संस्कार किया। राजेश का शव जनता के दर्शन के लिए रखा गया, जहां सैकड़ों लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हुए।


परिवार की उम्मीदें टूटीं

राजेश के पिता ने बताया कि परिवार को मंगलवार तक उम्मीद थी कि वह जीवित लौटेंगे, लेकिन शव मिलने के बाद उनकी सारी उम्मीदें समाप्त हो गईं। मुख्यमंत्री ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार राजेश के अधूरे मकान का निर्माण कार्य पूरा कराएगी। राजेश ने उफनती करियांगोड नदी से एक व्यक्ति को बचाने के लिए अपनी लाइफ जैकेट दे दी थी, जो अंततः उनकी जान पर भारी पड़ा।


बाढ़ में साहसिक कार्य

राजेश, 61 वर्षीय बेनी को बचाते समय तेज बहाव में बह गए थे। उनका शव मंगलवार को बरामद किया गया। मुख्यमंत्री ने इस घटना को हृदयविदारक बताया और कहा कि राजेश एक समर्पित बचाव कर्मी थे, जिन्होंने केरल की पिछली बाढ़ और वायनाड आपदा के दौरान स्वेच्छा से सेवाएं दी थीं।


राजेश का बलिदान

सतीशन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि राजेश ने बाढ़ के पानी में समाने से पहले कन्नूर के पुलिंगोम में एक डूबते व्यक्ति को बचाने के लिए अपनी जीवनरक्षक जैकेट दे दी। उनके बलिदान और मानवता के प्रति प्रेम को हमेशा याद रखा जाएगा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने भी राजेश के निधन पर शोक व्यक्त किया।


राजेश का योगदान

भाजपा नेता ने कहा कि राजेश 2018 की बाढ़, 2024 की वायनाड आपदा और 2026 की बाढ़ के नायक थे। उन्होंने कहा कि राजेश एक बचाव में जुटे स्वयंसेवी और 'रैपलिंग प्रशिक्षक' थे, जिन्होंने केरल की हर आपदा में अपनी सेवाएं दीं।


नेता प्रतिपक्ष का शोक

राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन ने भी मंगलवार को तैराकी प्रशिक्षक के निधन पर शोक व्यक्त किया।