ताश के पत्तों में बादशाह की मूंछ का रहस्य

क्या आपने कभी सोचा है कि ताश के पत्तों में एक बादशाह की मूंछ क्यों नहीं होती? इस लेख में हम आपको बताएंगे कि कैसे समय के साथ लाल पान के बादशाह की मूंछ गायब हो गई और इसके पीछे की दिलचस्प कहानी क्या है। जानिए ताश के पत्तों के डिज़ाइन में हुए बदलाव और उनके प्रभाव के बारे में।
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ताश के पत्तों में बादशाह की मूंछ का रहस्य

ताश के पत्तों का परिचय

ताश के पत्तों में बादशाह की मूंछ का रहस्य


ताश एक ऐसा खेल है जिसे विभिन्न देशों में अलग-अलग नियमों के साथ खेला जाता है। भले ही खेल के तरीके भिन्न हों, लेकिन कार्ड का एक सेट हमेशा समान होता है। एक डेक में कुल 52 पत्ते होते हैं।


बादशाहों की मूंछों का रहस्य

इस डेक में चार बादशाह होते हैं, जिनमें से तीन के पास मूंछें होती हैं, जबकि एक के पास नहीं। क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों है? आइए, हम आपको इसके पीछे की कहानी बताते हैं।


ताश के पत्तों में 52 पत्ते होते हैं, जिनमें इक्के से लेकर 10 तक के पत्ते, बादशाह, बेगम और गुलाम शामिल होते हैं। ये चार प्रकार के होते हैं: पान, चिड़ी, ईंट और हुकुम। लाल पान का बादशाह बाकी तीनों से अलग दिखता है, क्योंकि उसकी मूंछ नहीं होती।


लाल पान के बादशाह का लुक

बादशाह की मूंछ का गायब होना
लाल पान के बादशाह का लुक लगभग सभी ताश के पत्तों में एक जैसा होता है। प्रारंभ में, इस बादशाह की मूंछें हुआ करती थीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ताश का खेल शुरू होने पर लाल पान के बादशाह की मूंछें थीं।


15वीं सदी में फ्रांस में बने डिज़ाइन के अनुसार, उस समय राजाओं की मूंछें आम थीं। कार्ड के डिज़ाइन को लकड़ी के स्टांप से बनाया जाता था, और समय के साथ, लकड़ी के ब्लॉक खराब हो जाते थे। इस कारण लाल पान के बादशाह की मूंछ का निशान गायब हो गया।


कुल्हाड़ी से खंजर का परिवर्तन

कुल्हाड़ी का खंजर में बदलना
आपने देखा होगा कि राजा के हाथ में खंजर है। यह भी लकड़ी के ब्लॉक के कारण हुआ। पहले लाल पान के बादशाह के हाथ में कुल्हाड़ी थी, लेकिन समय के साथ, डिज़ाइन धुंधला हो गया और वह खंजर में बदल गया।


अब यह डिज़ाइन ऐसा लगता है कि बादशाह खुद को चाकू घोंप रहा है, इसलिए इसे 'सुसाइड किंग' भी कहा जाता है। इस लेख के बारे में आपके क्या विचार हैं? कृपया कमेंट करके बताएं।