तमिलनाडु हाई कोर्ट का फैसला: तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर दीया जलाने की अनुमति
तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर दीया जलाने की अनुमति
पीयूष गोयल का डीएमके पर निशाना
मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर दीया जलाने की अनुमति दी है। मंगलवार को, अदालत ने एकल न्यायाधीश के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें इस स्थान पर दीया जलाने की इजाजत दी गई थी। कोर्ट ने DMK सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उसे अपने राजनीतिक लक्ष्यों के लिए इस तरह के स्तर पर नहीं गिरना चाहिए। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने स्टालिन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि श्रद्धालुओं को न्याय मिला है।
बीजेपी के तमिलनाडु चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल ने कहा कि यह खुशी की बात है कि तमिलनाडु हाई कोर्ट ने तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर दीप जलाने की अनुमति दी है। यह संयोग नहीं है कि सीएम स्टालिन और उनके बेटे लगातार सनातन धर्म के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कर रहे हैं। उदयगिरि भी हिंदुओं के खिलाफ अपमानजनक बयान देते रहे हैं।
‘डीएमके हिंदुओं के खिलाफ’
उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में सिंगल जज जीआर स्वामीनाथन के फैसले के खिलाफ डीएमके के सांसदों ने संसद में इंपीचमेंट मोशन पेश किया था। यह स्पष्ट रूप से न्यायपालिका में राजनीतिक हस्तक्षेप का उदाहरण है। आज उन सभी को झटका लगा है जिन्होंने इंपीचमेंट की मांग की थी। यह स्पष्ट हो गया है कि डीएमके हिंदू विरोधी कार्य कर रही है।
कोर्ट का निर्णय
जस्टिस जी जयचंद्रन और के के रामकृष्णन की डिवीजन बेंच ने निर्णय सुनाते हुए स्पष्ट किया कि जहां पत्थर का खंभा (दीपथून) स्थापित है, वह श्री सुब्रमण्य स्वामी मंदिर का है। न ही देवस्थानम या सरकार का यह कहना है कि तिरुपंकुंद्रम पहाड़ी पर दीप जलाना कोई प्रचलित प्रथा नहीं है। यह हास्यास्पद है कि राज्य को यह डर है कि देवस्थानम की भूमि पर दीप जलाने से सार्वजनिक शांति भंग होगी। ऐसा केवल तब हो सकता है जब ऐसी गड़बड़ी राज्य द्वारा प्रायोजित हो। हम प्रार्थना करते हैं कि कोई भी राज्य अपने राजनीतिक एजेंडे को पूरा करने के लिए इस हद तक न गिरे।
