तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए सुरक्षा उपायों की तैयारी

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए तमिलनाडु में सुरक्षा के उपायों के तहत सीएपीएफ की 50 कंपनियों की तैनाती की योजना बनाई है। यह कदम राज्य की राजनीतिक संवेदनशीलता और सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। जानें इस तैनाती के पीछे के कारण और इसके कार्यान्वयन की प्रक्रिया के बारे में।
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तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए सुरक्षा उपायों की तैयारी

सुरक्षा बलों की तैनाती

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु में सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 50 कंपनियों को आवंटित किया है। राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने जानकारी दी कि इन बलों का पहला जत्था 10 मार्च, 2026 को तैनात किया जाएगा।


चुनावों के लिए सुरक्षा उपाय

मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए मतदाताओं का विश्वास बनाए रखने और क्षेत्रीय प्रभुत्व को सुनिश्चित करने के लिए सीएपीएफ की 50 कंपनियों को तैनात करने का निर्णय लिया गया है। अप्रैल 2026 में तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों और पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के लिए चुनाव होने की संभावना है।


तैनाती की आवश्यकता

आमतौर पर चुनावों की घोषणा के साथ ही सुरक्षा बलों की तैनाती होती है, लेकिन तमिलनाडु जैसे बड़े राज्य में सुरक्षा चुनौतियों और राजनीतिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए अग्रिम तैनाती की योजना बनाई गई है।


संवेदनशील बूथों की पहचान: बल स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर उन बूथों की निगरानी करेंगे जहां हिंसा की संभावना अधिक है।


फ्लैग मार्च: तैनाती के तुरंत बाद विभिन्न जिलों में फ्लैग मार्च आयोजित किया जाएगा।


पुडुचेरी पर नजर: तमिलनाडु के साथ-साथ पुडुचेरी की सीटों के लिए भी सुरक्षा योजना तैयार की जा रही है।