तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए डीएमके का महागठबंधन
डीएमके का महागठबंधन
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों में डीएमके ने एक बार फिर से एक प्रभावशाली रणनीति अपनाई है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में, डीएमके ने 21 दलों का महागठबंधन (Secular Progressive Alliance) स्थापित किया है, जिसे राज्य की राजनीति में सबसे बड़ा और व्यापक गठबंधन माना जा रहा है।
गठबंधन में शामिल दल
इस महागठबंधन में शामिल प्रमुख दलों की सूची इस प्रकार है:
- डीएमके (मुख्य पार्टी)
- कांग्रेस (INC)
- वीसीके (VCK)
- सीपीआई और सीपीआई(एम) (दोनों वाम दल)
- आईयूएमएल (IUML)
- एमडीएमके
- डीएमडीके (हाल ही में शामिल हुई)
- एमएनएम (कमल हासन की पार्टी) और अन्य छोटे क्षेत्रीय दल
यह गठबंधन 2021 के चुनावों में मिली सफलता को दोहराने और 2024 के लोकसभा चुनावों में सभी 39 सीटें जीतने के लिए तैयार है।
कांग्रेस को सीटों का आवंटन
डीएमके और कांग्रेस के बीच लंबे विचार-विमर्श के बाद, सीटों के बंटवारे पर सहमति बनी है। कांग्रेस को 28 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का अवसर मिलेगा, जो 2021 में मिली 25 सीटों से अधिक है। इसके अतिरिक्त, कांग्रेस को एक राज्यसभा सीट भी दी गई है।
यह समझौता चेन्नई में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के. सेल्वापेरुन्थागाई के बीच हुई बैठक में अंतिम रूप दिया गया। कांग्रेस ने शुरू में 41-45 सीटों की मांग की थी, लेकिन अंततः 28 पर सहमति बनी।
महागठबंधन की चुनावी रणनीति
यह 21 दलों का महागठबंधन ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह बिना किसी बड़े टूट-फूट के चौथी बार चुनाव में भाग ले रहा है। डीएमके का लक्ष्य है कि गठबंधन 2026 में 200 से अधिक सीटें जीते और एम.के. स्टालिन की सरकार पुनः स्थापित हो।
विपक्ष में एआईएडीएमके-बीजेपी गठबंधन और टीवीके (विजय थलापति की पार्टी) चुनौती पेश कर रहे हैं, लेकिन ओपिनियन पोल्स में डीएमके गठबंधन अभी भी आगे दिख रहा है।
तमिलनाडु की 234 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटें आवश्यक हैं। यह गठबंधन मजबूत स्थिति में है, और कांग्रेस की 28 सीटों की भागीदारी से इंडिया गठबंधन की एकता भी बढ़ी है। चुनाव अप्रैल-मई 2026 में होने की संभावना है।
क्या आप और जानकारी चाहते हैं?
क्या आपको इस गठबंधन के किसी विशेष दल या ओपिनियन पोल के बारे में और जानकारी चाहिए?
