तमिलनाडु में विजय के समर्थन में फिल्म जगत की हस्तियों की आवाज़

तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर चल रही राजनीतिक अनिश्चितता के बीच, अभिनेता विजय के समर्थन में कई फिल्म सितारों ने अपनी आवाज उठाई है। कमल हासन और खुशबू सुंदर जैसे प्रमुख व्यक्तित्वों ने विजय को सरकार बनाने का अवसर देने की मांग की है। इस स्थिति में, विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने 108 सीटें जीतकर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव किया है। जानें इस मुद्दे पर और क्या हो रहा है।
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तमिलनाडु में विजय के समर्थन में फिल्म जगत की हस्तियों की आवाज़ gyanhigyan

राजनीतिक अनिश्चितता के बीच विजय का समर्थन

तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर चल रही राजनीतिक अस्थिरता के बीच, फिल्म उद्योग की कई प्रमुख हस्तियों ने अभिनेता और राजनेता विजय के पक्ष में खुलकर अपनी आवाज उठाई है.


तमिलनाडु में विजय के समर्थन में फिल्म जगत की हस्तियों की आवाज़
तमिलनाडु में ‘विजय सरकार’ पर सस्पेंस, कमल हासन, विशाल ददलानी ने की शपथ ग्रहण की मांग


राज्यपाल द्वारा विजय के सरकार बनाने के दावे पर निर्णय न लेने से स्थिति और भी जटिल हो गई है.


कमल हासन ने सोशल मीडिया पर लिखा कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला, लेकिन विजय की पार्टी, तमिलगा वेत्री कझगम (TVK), 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. उन्होंने कहा कि विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित न करना जनता के जनादेश का अपमान होगा. हासन ने यह भी बताया कि 233 निर्वाचित विधायकों ने अब तक शपथ नहीं ली है, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है.


उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एसआर बोम्मई फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि बहुमत का परीक्षण विधानसभा में होना चाहिए, न कि राजभवन में. कमल हासन ने इसे राजनीति नहीं, बल्कि संवैधानिक जिम्मेदारी का मामला बताया.


भाजपा नेता और अभिनेत्री खुशबू सुंदर ने भी विजय का समर्थन करते हुए कहा कि जब जनता ने अपना मुख्यमंत्री चुन लिया है, तो उन्हें सरकार चलाने का अवसर मिलना चाहिए.


अभिनेता विशाल ने चेतावनी दी कि यदि TVK के अलावा कोई अन्य गठबंधन सरकार बनाने की कोशिश करता है, विशेषकर DMK-AIADMK जैसी अप्रत्याशित साझेदारी, तो इससे जनता में भारी असंतोष उत्पन्न हो सकता है.


234 सदस्यीय विधानसभा में TVK ने अपने पहले चुनाव में 108 सीटें जीतकर एक बड़ा राजनीतिक परिवर्तन किया है.


विजय ने 6 मई को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था, लेकिन राज्यपाल ने उनसे 118 विधायकों के समर्थन पत्र लाने को कहा है और अब तक शपथ ग्रहण नहीं हुआ है.