तमिलनाडु में विजय की पार्टी TVK को कांग्रेस का समर्थन, सरकार बनाने की तैयारी

तमिलनाडु की राजनीति में एक नया मोड़ आया है, जब अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) को कांग्रेस का समर्थन मिला। विजय ने राहुल गांधी से बातचीत के बाद स्थिर और धर्मनिरपेक्ष सरकार के गठन के लिए समर्थन मांगा है। हाल के चुनावों में TVK ने 108 सीटें जीती हैं, जो बहुमत से केवल 10 सीटें कम हैं। यदि यह गठबंधन सफल होता है, तो राज्य में दशकों बाद गठबंधन सरकार का युग लौट सकता है।
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तमिलनाडु में विजय की पार्टी TVK को कांग्रेस का समर्थन, सरकार बनाने की तैयारी gyanhigyan

तमिलनाडु की राजनीतिक स्थिति में बदलाव

तमिलनाडु की राजनीति में दशकों से स्थापित द्रविड़ दलों (DMK और AIADMK) को चुनौती देते हुए, अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) अब सरकार बनाने के करीब पहुंच गई है। हाल ही में, विजय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से फोन पर बातचीत की, जिसमें उन्होंने राज्य में एक स्थिर और धर्मनिरपेक्ष सरकार के गठन के लिए कांग्रेस का समर्थन मांगा।


तमिलनाडु में विजय की पार्टी TVK को कांग्रेस का समर्थन, सरकार बनाने की तैयारी
तमिलनाडु में TVK के विजय को कांग्रेस का समर्थन, छोटे दलों के समर्थन से सरकार बनाने की तैयारी…


इस महत्वपूर्ण वार्ता के बाद, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने विजय को समर्थन देने पर सहमति व्यक्त की है। हालांकि, अंतिम निर्णय और गठबंधन की रूपरेखा तय करने का कार्य तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) को सौंपा गया है।


यह ध्यान देने योग्य है कि तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता होती है। हाल के चुनावों में, विजय की पार्टी ने 108 सीटें प्राप्त की हैं, जो बहुमत के आंकड़े से केवल 10 सीटें कम हैं। कांग्रेस (5 सीटें) और अन्य छोटे दलों के समर्थन के साथ, विजय अब राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए तैयार हैं।


राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यदि यह गठबंधन सफल होता है, तो तमिलनाडु में दशकों बाद 'गठबंधन सरकार' का युग लौट सकता है। विजय ने खुद तिरुचिरापल्ली ईस्ट और पेरम्बूर निर्वाचन क्षेत्रों से जीत हासिल की है। कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि विजय को समर्थन देना राज्य के भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम होगा।


इस गठबंधन से यह संकेत मिलता है कि तमिलनाडु में सरकार गठन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ सकती है, जिससे राज्य में स्थिर प्रशासनिक वातावरण की उम्मीद की जा रही है।