तमिलनाडु में वाइको की समानता के लिए पदयात्रा का आगाज

एमडीएमके के महासचिव वाइको ने तिरुचिरापल्ली से 'समथुवा नडाई पयानम' पदयात्रा की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य सामाजिक न्याय और समानता को बढ़ावा देना है। इस यात्रा का समापन 12 जनवरी को मदुरै में होगा। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने इस यात्रा को हरी झंडी दिखाई और भाजपा की आलोचना करते हुए तमिलनाडु के विकास की उपलब्धियों को साझा किया। यात्रा में कई प्रमुख नेता शामिल होंगे, जो इसे एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक पहल बनाते हैं।
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तमिलनाडु में वाइको की समानता के लिए पदयात्रा का आगाज

वाइको की पदयात्रा का शुभारंभ

एमडीएमके के महासचिव वाइको शुक्रवार को तिरुचिरापल्ली से अपनी 'समथुवा नडाई पयानम' (समानता के लिए पदयात्रा) की शुरुआत करेंगे। इस यात्रा को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन द्वारा औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाई जाएगी। यह पदयात्रा सामाजिक न्याय, समानता और धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है और यह तमिलनाडु के विभिन्न जिलों से होकर गुजरेगी। इसका समापन 12 जनवरी को मदुरै में होगा।


यात्रा में शामिल होने वाले नेता

इस कार्यक्रम में वीसीके प्रमुख थिरुमावलवन, एमडीएमके के प्रधान सचिव दुरई वाइको, तमिलनाडु के मंत्री के.एन. नेहरू और अंबिल मगेष पोय्यामोझी सहित अन्य गठबंधन दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल होने की संभावना है। पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह यात्रा राज्य में महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रमों से पहले एक महत्वपूर्ण पहल है, जो समर्थकों और राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान आकर्षित कर सकती है।


मुख्यमंत्री की विकास परियोजनाओं की घोषणा

हाल ही में, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने 26 दिसंबर को कल्लकुरुची जिले में 1,700 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना करते हुए कहा कि द्रविड़ शासन प्रणाली के तहत तमिलनाडु समावेशी विकास का एक आदर्श उदाहरण बनकर उभरा है। वीरचोलपुरम में एक जनसभा में स्टालिन ने 386.48 करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी और 341.77 करोड़ रुपये की पूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन किया।


भाजपा पर मुख्यमंत्री की टिप्पणी

मुख्यमंत्री ने कहा, "भाजपा शासित राज्य एक अलग भारत हैं, जहां गरीबी, धार्मिक हिंसा, हत्याएं और बेरोजगारी फैली हुई है।" उन्होंने यह भी कहा कि "धार्मिक राजनीति करने वाली भाजपा चाहे कितने ही गुलामों की भर्ती करे, वह तमिलनाडु के लोगों में धार्मिक कट्टरता नहीं भड़का सकती, जो एकता में रहते हैं।"